मेरी लाश को पापा छू भी नहीं पाएं... पिता के टॉर्चर से परेशान 23 साल के वकील ने छत से छलांग लगा की खुदकुशी

सुसाइड नोट में वकील प्रियांशु श्रीवास्तव ने लिखा- अब तक जो चीजें मेरे साथ घटित हुईं, मुझे नहीं लगता कि इस तरह से बेगैरत की जिंदगी जीने लायक है. रोज घुट–घुट कर मरने से लाख गुना बेहतर है कि एक दिन मरके खत्म हो. सभी मां–बाप से मेरी यह अपील है कि अपने बच्चों पर उतना ही टॉर्चर करें, जितना वो बर्दाश्त कर सकें.

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कानपुर में पिता के टॉर्चर से परेशान वकील ने की खुदकुशी.
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  • कानपुर के 23 वर्षीय वकील प्रियांशु श्रीवास्तव ने कोर्ट कचहरी की पांचवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या की.
  • प्रियांशु ने अपने सुसाइड नोट में पिता द्वारा किए गए मानसिक और शारीरिक टॉर्चर का जिक्र किया.
  • सुसाइड नोट में प्रियांशु ने पिता से दूरी बनाए रखने की इच्छा जताई और अपनी मां को प्यार भी बताया.
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कानपुर:

Kanpur Lawyer Suicide Case: कानपुर में 23 साल के एक वकील ने कोर्ट रूम की पांचवीं मंजिल से छलांग लगाकर जान दे दी. वकील प्रियांशु श्रीवास्तव ने यह आत्मघाती फैसला अपने पिता के टॉर्चर से तंग आकर उठाई, इसकी जानकारी उनके सुसाइड नोट और स्टेटस से सामने आया है. प्रियांशु ने सुसाइड नोट में यहां तक लिखा कि मेरी लाश को पापा छू भी नहीं पाएं. उसके इस लाइन से ही समझ सकते हैं कि वो कितना परेशान रहा होगा. अब पुलिस मामले में आगे की छानबीन में जुटी है. 

कचहरी की पांचवीं मंजिल से कूद गए वकील

दरअसल कानपुर के कचहरी परिसर में गुरुवार दोपहर उस वक्त सनसनी फैल गई जब 5 मंजिला कोर्ट बिल्डिंग से अधिवक्ता प्रियांशु श्रीवास्तव ने छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना के बाद पूरे परिसर में हड़कंप मच गया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोपहर करीब 2 बजे प्रियांशु श्रीवास्तव नई बिल्डिंग की पांचवीं मंजिल पर पहुंचे और अचानक नीचे कूद गए. 

दो पन्नों का सुसाइड नोट मिला

सिर में गंभीर चोट लगने से मौके पर ही मौत हो गई. सूचना मिलते ही डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटना की छानबीन शुरू की. छानबीन में पता चला कि प्रियांशु श्रीवास्तव ने अपने वाट्सएप स्टेटस में दो पन्नों का एक सुसाइड नोट लगाया था.

सुसाइड नोट में लिखा- मैं हार गया, पापा जीत गए. लव यू मम्मी...

सुसाइड नोट में वकील प्रियांशु श्रीवास्तव ने लिखा- अब तक जो चीजें मेरे साथ घटित हुईं, मुझे नहीं लगता कि इस तरह से बेगैरत की जिंदगी जीने लायक है. करीब 6 वर्ष की उम्र में फ्रिज में रखा आम का जूस पी लिया तो निर्वस्त्र कर घर से बाहर भगा दिया गया. हर मिनट शक की नजरों से देखना, एक एक मिनट का हिसाब लेना… ये मानसिक टॉर्चर ही है. 

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उसने आगे लिखा- हाईस्कूल रिजल्ट आने से पहले मेरे पापा ने मुझे धमकी दी कि अगर नंबर कम आए तो निर्वस्त्र कर घर से भगा देंगे. रोज घुट–घुट कर मरने से लाख गुना बेहतर है कि एक दिन मरके खत्म हो. सभी मां–बाप से मेरी यह अपील है कि अपने बच्चों पर उतना ही टॉर्चर करें, जितना वो बर्दाश्त कर सकें. मेरा ये निवेदन है कि मेरी लाश को मेरे पापा छू भी न पाएं. मैं हार गया, पापा जीत गए. लव यू मम्मी….''

CCTV फुटेज में फोन पर बात करते-करते कूदते दिखा वकील

डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि घटनास्थल का मुआयना करने के बाद CCTV फुटेज में देखा गया है कि प्रियांशु पांचवी मंजिल पर बैठा है और फोन में बात करने के बाद छत से कूद गया इसमें एक सुसाइड नोट भी व्हाट्सएप स्टेटस पर लगाया गया था.

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प्रियांशु के पिता भी वकील, सुसाइड नोट में लगाए कई आरोप

प्रियांशु के पिता भी वकील है. बताया गया कि प्रियांशु के पिता राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव कानपुर के बर्रा 8 निवासी हैं.  प्रियांशु भी कचहरी में पिता के साथ वकालत करता था, सुसाइड नोट के अनुसार उसने अपने आत्महत्या के लिए अपने पिता को दोषी ठहराया है और पिता पर कई आरोप भी लगाए हैं. 

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TISS iCall 022-25521111 (सोमवार से शनिवार तक उपलब्‍ध - सुबह 8:00 बजे से रात 10:00 बजे तक)
(अगर आपको सहारे की ज़रूरत है या आप किसी ऐसे शख्‍स को जानते हैं, जिसे मदद की दरकार है, तो कृपया अपने नज़दीकी मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञ के पास जाएं)

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