- केके मिश्रा ने दावा किया कि हादसे के दिन उनका बेटा शिवम कार नहीं चला रहा था
- हादसे के एक दिन पहले लैंबॉर्गिनी कार में खराबी आई थी जिसे मैकेनिक ने ठीक कर दिया था
- शिवम सिविल लाइंस से लौटते समय बेहोश होने लगा और ड्राइवर ने उसकी तरफ हाथ बढ़ाया तो कार धीरे हो गई
कानपुर लैंबॉर्गिनी सड़क हादसे पर आरोपी शिवम मिश्रा के पिता केके मिश्रा का बयान सामने आया है. पिता ने हैरानी भरी बात कहते हुए दावा किया कि उनका बेटा शिवम हादसे वाले दिन कार नहीं चला रहा था. पिता ने बेटे को बचाने के लिए एक से एक दलीलें दी,यहां तक कहा कि शिवम और ड्राइवर ने कार को टेस्ट करने के लिए चलाया था.
बेटे को बचाने के लिए एक से एक दलीलें
केके मिश्रा ने बताया कि कार में एक चालक और उनका बेटा शिवम मौजूद था. उन्होंने बताया कि मुझे नहीं पता कि कार कौन चला रहा था. इसकी जांच होनी चाहिए. उन्होंने बताया कि दुर्घटना के एक दिन पहले लैंबॉर्गिनी कार में कुछ खराबी आई थी. मैकेनिक ने बाद में दिक्कत को ठीक कर लिया था. अगले ही दिन शिवम और ड्राइवर ने कार को टेस्ट करने के लिए चलाया. जब वो सिविल लाइंस से वापस आ रहे थे शिवम रास्ते में बेहोश सा होने लगा और सोने लगा. जब ड्राइवर ने शिवम की तरफ अपना हाथ बढ़ाया तो कार धीरे हो गई. इसी दौरान एक ऑटोरिक्शा ने कार को टक्कर मार दी.
हमारे यहां कोई शराब नहीं पीता
के के मिश्रा ने बताया कि ड्राइवर कार का शीशा नहीं खोल पाया क्योंकि ये ऑटोमेटिक तरीके से लॉक हो गया था. इसके बाद हमारे सिक्यॉरिटी स्टाफ ने कार का शीशा तोड़ा और गेट खोले और कार से शिवम को निकाला. जब शिव घर लौटा तो डॉक्टर ने उसकी जांच की. कुछ देर बाद हमने शिवम को इलाज के लिए दिल्ली भेज दिया. उसकी अभी भी दिल्ली में इलाज चल रहा है. मैंने डॉक्टर से बात की है और वो अभी कानपुर आने की स्थिति में नहीं है. डॉक्टर ने बताया कि शिवम अगले 2-3 दिन में ठीक हो जाएगा. उन्होंने साथ ही ये भी कहा कि शिवम के कार चलाने की पुलिस कमिश्नर की बात सही नहीं है. मेरे परिवार का कोई भी सदस्य या स्टाफ शराब नहीं पीता है.














