कानपुर किडनी कांड: 'डॉक्टर डेथ का व्हाट्सएप चैट आया सामने, किडनी के काले कारोबार से उठा पर्दा

Kanpur KIdney kand: किडनी डोनर आयुष और खुद को डॉक्टर बताने वाले अली के बीच लंबे समय से बातचीत चल रही थी. आयुष बार-बार ऑपरेशन की तारीख तय करने के लिए दबाव बना रहा था, लेकिन अली हर बार अलग-अलग बहाने बनाकर तारीख टालता रहा. इस तरह की टालमटोल से डोनर के मन में संदेह और डर पैदा होने से उसने सौदा तोड़ दिया, जिससे संबंधित चैट तेजी से वायरल हो रहा है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

कानपुर में सामने आए अवैध किडनी ट्रांसप्लांट सिंडिकेट की जांच अब अहम मोड़ पर पहुंच गई है. दरअसल, हाल ही में वायरल हुई एक व्हाट्सएप चैट ने पूरे मामले की परतें खोल दी हैं. इस चैट में डोनर और कथित डॉक्टर के बीच हुई बातचीत ने किडनी के काले कारोबार को उजागर कर दिया है, जिससे पुलिस को मजबूत सुराग मिलने के आसार हैं.

वायरल चैट के अनुसार, किडनी डोनर आयुष और खुद को डॉक्टर बताने वाले अली के बीच लंबे समय से बातचीत चल रही थी. आयुष बार-बार ऑपरेशन की तारीख तय करने के लिए दबाव बना रहा था, लेकिन अली हर बार अलग-अलग बहाने बनाकर तारीख टालता रहा. इस तरह की टालमटोल से डोनर के मन में संदेह और डर पैदा होना स्वाभाविक था. इस चैट में यह भी सामने आया कि सिंडिकेट डोनर को मानसिक और भावनात्मक रूप से उलझाए रखता था, ताकि वह बीच में पीछे न हट सके. ऑपरेशन के बाद कागजात लौटाने जैसी बातों को भी टालकर डोनर को असमंजस में रखा जा रहा था.

 “अब नहीं देनी किडनी”

मामले में बड़ा मोड़ तब आया, जब डोनर आयुष ने खुद को इस पूरे सौदे से अलग करने का फैसला लिया. उसने साफ शब्दों में कहा कि वह अब किडनी डोनेट नहीं करेगा और उसे दिए गए 6 हजार रुपये भी वापस करने को तैयार है. चैट में आयुष ने अपनी मानसिक स्थिति का जिक्र करते हुए बताया कि वह इस प्रक्रिया से परेशान हो चुका है और आगे इसमें शामिल नहीं रहना चाहता.

 अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच तेज

इस मामले में अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी आशंका जताई जा रही है. दरअसल, साउथ अफ्रीका की महिला अरेबिका से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी के लिए विदेश मंत्रालय और पासपोर्ट कार्यालय से विवरण मांगा गया है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैला हुआ है और इसमें विदेशी नागरिकों की भी भूमिका है?

Advertisement

 एम्बुलेंस चालक की भूमिका संदिग्ध

मामले में एम्बुलेंस चालक आशीष अग्रवाल की भूमिका भी संदेह के घेरे में है. दरअसल, इस मामले से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह डॉक्टर की ड्रेस पहनकर मेडिकल जांच करता दिखाई दे रहा है. पुलिस ने उसकी भूमिका को गंभीरता से लेते हुए न्यायालय से रिमांड की मांग की है, ताकि उससे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा सके.

यह भी पढ़ें- कानपुर किडनी कांड: 10 लाख में खरीदी, 60 लाख में बेची किडनी; विदेशी नागरिक समेत 50 लोगों का ट्रांसप्लांट 

डीसीपी कासिम आबिदी के मुताबिक, यह वायरल व्हाट्सएप चैट पुलिस के लिए एक मजबूत सबूत साबित हो रही है. चैट में मौजूद मोबाइल नंबर और नामों के आधार पर सिंडिकेट के मुख्य आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है. पुलिस टीम लगातार छापेमारी कर रही है और कथित डॉक्टर अली व अफजल जैसे संदिग्धों की तलाश जारी है. अधिकारियों का मानना है कि जल्द ही इस मामले में बड़े खुलासे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.

Advertisement

यह भी पढ़ें-  कानपुर किडनी रैकेट: दिल्ली से फ्लाइट से आते थे टेक्निशियन,ठहरते थे लक्जरी होटलों में,फीस थी 50 हजार

Featured Video Of The Day
Iran Israel War: ईरान-अमेरिका युद्ध में अब तक 3540 लोगों की मौत | Breaking News | Donald Trump