- झांसी में छोटे भाई मुसारिब बेग ने मामूली विवाद में बड़े भाई तारिक बेग की कुल्हाड़ी से हत्या की
- हत्या के बाद मुसारिब ने घर के आंगन में छह फीट गहरा गड्ढा खोदकर भाई की लाश दफना दी और उस पर कूलर रख दिया
- आरोपी ने पुलिस को भाई की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई और रोजाना घर में रहता रहा जहाँ भाई की लाश दफन थी
रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली यह वारदात झांसी के प्रेमनगर से सामने आई है. जहां एक छोटे भाई ने मामूली विवाद में अपने बड़े भाई की बेरहमी से हत्या कर दी और राज छिपाने के लिए घर के अंदर ही उसकी कब्र खोद दी. झांसी के बिहारीपुरा मोहल्ले में जो हुआ उसने इंसानियत को हिला कर रख दिया है. जिस भाई के साथ बचपन की यादें जुड़ी थीं, खेल-कूद और हंसी-मजाक में दिन बीते थे, उसी भाई के खून से छोटे भाई मुसारिब बेग ने अपने हाथ रंग लिए.
सिर्फ एक कप चाय और नींद में खलल
तारीख 10 फरवरी. घर में मां मौजूद नहीं थी, वो मायके गई हुई थीं. मुसारिब बेग को चाय पीनी थी, उसने ऊपर से आकर बड़े भाई तारिक बेग का दरवाजा खटखटाया. नींद खराब होने से दोनों में बहस हुई. गुस्सा इस कदर 'आउट ऑफ कंट्रोल' हुआ कि मुसारिब ने कुल्हाड़ी उठाई और तारिक के सिर पर वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया.
हत्यारा भाई
लाश के ऊपर कूलर रखकर सोता रहा कातिल!
जुर्म को छिपाने के लिए मुसारिब ने जो शातिर तरीका अपनाया, उसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए. हत्या के बाद आरोपी ने घर के आंगन में ही 6 फीट गहरा गड्ढा खोदा और भाई की लाश दफना दी. किसी को शक न हो, इसलिए उस जगह पर ईंटें बिछा दीं और उसके ऊपर कूलर रख दिया. खुद को बचाने के लिए मुसारिब थाने गया और भाई की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी. वह रोजाना की तरह नौकरी पर जाता रहा और उसी घर में रहता रहा जहां नीचे भाई की लाश दफन थी.
कैसे खुला खौफनाक राज?
पुलिस तारिक की तलाश कर ही रही थी कि तभी मृतक के मामा मोहम्मद सलीम को मुसारिब पर शक हुआ. उन्होंने पुलिस को अपनी आशंका बताई. जब एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति के निर्देश पर पुलिस ने मुसारिब को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो वह टूट गया और अपना गुनाह कबूल कर लिया. एसएसपी झांसी ने बताया, "आरोपी ने झगड़े के दौरान कुल्हाड़ी से वार कर हत्या की बात मानी है. मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में देर रात आंगन की खुदाई करवाकर शव को बरामद किया गया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है."
"अब अफसोस हो रहा है..."
हिरासत में आरोपी मुसारिब ने कहा कि भाई की याद और इस राज का बोझ उसे जीने नहीं दे रहा था. उसने बताया कि हत्या के समय उसकी पत्नी भी घर पर नहीं थी. मात्र एक पल के गुस्से ने हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया.














