नोएडा के साथ फरीदाबाद और गुरुग्राम से भी जुड़ेगा जेवर एयरपोर्ट, बुलेट ट्रेन भी चलेगी, क्या है सरकार का प्लान?

Jewar Airport connectivity: इस योजना के तहत दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के 'दिल्ली-फरीदाबाद-बल्लभगढ़-सोहना' खंड को जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए एक नई सड़क बनाई जाएगी. यह सड़क हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM) पर आधारित होगी, जो यूपी और हरियाणा दोनों राज्यों से होकर गुजरेगी. 

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अब हरियाणा के फरीदाबाद और गुरुग्राम से सीधे सड़क मार्ग से जुड़ जाएगा
  • केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 3630.77 करोड़ रुपये की लागत से नए 31.42 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर निर्माण को मंजूरी दी है
  • इस कॉरिडोर का लगभग 7.8 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा के फरीदाबाद मास्टर प्लान 2031 के शहरी क्षेत्र से गुजरेगा
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (NIAL) को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. अब यह हवाई अड्डा केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि हरियाणा के प्रमुख शहरों फरीदाबाद और गुरुग्राम से भी सीधे सड़क मार्ग द्वारा जुड़ जाएगा. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसके लिए 3630.77 करोड़ रुपये की संशोधित लागत वाले नए कॉरिडोर के निर्माण को हरी झंडी दे दी है.

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से होगी डायरेक्ट कनेक्टिविटी

इस योजना के तहत दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के 'दिल्ली-फरीदाबाद-बल्लभगढ़-सोहना' खंड को जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए एक नई सड़क बनाई जाएगी. यह सड़क हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM) पर आधारित होगी, जो यूपी और हरियाणा दोनों राज्यों से होकर गुजरेगी. 

परियोजना की मुख्य विशेषताएं:

  • लंबाई: यह कॉरिडोर कुल 31.42 किलोमीटर लंबा होगा.
  • एलिवेटेड रोड: इसमें 11 किलोमीटर का हिस्सा एलिवेटेड (ऊंचा) बनाया जाएगा.
  • हरियाणा का हिस्सा: कॉरिडोर का लगभग 7.8 किलोमीटर हिस्सा फरीदाबाद मास्टर प्लान 2031 के शहरी क्षेत्र से गुजरेगा.
  • लागत: परियोजना पर हरियाणा सरकार करीब 450 करोड़ रुपये का योगदान देगी.

इन शहरों के यात्रियों को होगा सीधा लाभ

इस नए कॉरिडोर के बनने से दक्षिण दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम के यात्रियों के लिए जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचना बेहद आसान और तेज हो जाएगा. यह मार्ग न केवल यात्रा का समय कम करेगा, बल्कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति प्रदान करेगा.

एक्सप्रेसवे के साथ बुलेट ट्रेन चलाने का भी है प्लान 

यह कॉरिडोर केवल सड़कों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे एक बड़े लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जा रहा है. इसे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) से भी जोड़ा जाएगा. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संकेत दिए हैं कि नोएडा एयरपोर्ट को भविष्य में बुलेट ट्रेन से भी जोड़ा जाएगा. दिल्ली-बनारस हाई-स्पीड कॉरिडोर के जरिए यात्रियों को एयरपोर्ट तक पहुंचने का एक और आधुनिक विकल्प मिलेगा.

Advertisement

अर्थव्यवस्था और विकास को मिलेगी रफ्तार

सरकार के अनुसार, यह कॉरिडोर केवल एक रास्ता नहीं बल्कि क्षेत्रीय विकास का इंजन साबित होगा. फरीदाबाद जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों से गुजरने के कारण यह स्थानीय व्यापार, माल ढुलाई और शहरी बुनियादी ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा.

जल्द शुरू होंगी उड़ानें: मिला एयरोड्रम लाइसेंस

नोएडा एयरपोर्ट के लिए एक और बड़ी उपलब्धि यह रही कि इसे नागरिक विमानन महानिदेशालय (DGCA) से एयरोड्रोम लाइसेंस प्राप्त हो गया है. नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने राज्यसभा में जानकारी दी कि एयरपोर्ट के औपचारिक उद्घाटन की तैयारियां जोरों पर हैं.  उम्मीद जताई जा रही है कि अगले 45 दिनों से 2 महीने के भीतर जेवर एयरपोर्ट से व्यावसायिक उड़ानें शुरू हो सकती हैं.
 

Advertisement
Featured Video Of The Day
Crude Oil की कीमत में दिखी उछाल, इतना डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंचा | Iran Israel War | BREAKING