- गोंडा मेडिकल कॉलेज के हड्डी वार्ड में बड़े चूहे मरीजों के आसपास और ऑक्सीजन पाइपलाइन के पास घूम रहे हैं
- चूहे मरीजों के सामान और जांच रिपोर्ट के पर्चे काटकर अस्पताल में भर्ती मरीजों को लगातार परेशान कर रहे हैं
- मरीजों ने बताया कि चूहों से रात में उन्हें काटने का डर रहता है. उनका साबुन और बिस्किट उठाकर ले जाते हैं
उत्तर प्रदेश का गोंडा मेडिकल कॉलेज एक बार फिर सुर्खियों में है. इस बार वजह हैं मोटे-मोटे चूहे. मेडिकल कॉलेज के हड्डी वार्ड में बड़े-बड़े चूहों का आतंक देखने को मिला है. चूहों की वजह से अस्पताल में भर्ती मरीन परेशान हैं. आईसीयू जैसी सेंसिटिव जगह पर चूहे ऑक्सीजन पाइपलाइन और मरीजों के ऊपर और उनके अलग-बगल घूमते दिखाई दे रहे हैं. पांच से अधिक चूहे ऑक्सीजन पाइपलाइन के पास घूमते हुए दिखाई दिए. इतना ही नहीं ये चूहे वार्ड में एडमिट मरीजों का सामान, जांच रिपोर्ट के पर्चे भी काट रहे हैं, जिससे मरीज परेशान हैं.
मेडिकल कॉलेज में चूहों का आतंक
चूहों का आतंक इतना ज्यादा बढ़ गया है कि रात में सोते समय मरीजों को डर लगा रहता है कि चूहे कहीं उनको काट न लें. चूहों के आतंक का वीडियो सामने आने के बाद गोंडा के मेडिकल कॉलेज की बहुत किरकिरी हो रही है. वहीं मेडिकल कॉलेज प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है. उन्होंने वार्ड से चूहों को हटाने के लिए सफाई के साथ दवा और चूहादानी लगाने के निर्देश दिए हैं.
ऑक्सीजन पाइप पर घूम रहे चूहे
मेडिकल कॉलेज के ऑर्थों वार्ड में चूहे ऑक्सीजन पाइपलाइन के साथ ही मरीजों के बेड पर भी घूम रहे हैं. बेड से लेकर टेबल तक, ये हर जगह धमालचौकड़ी मचा हैं, जिसकी वजह से मरीज परेशान हैं. जिसके बाद मरीजों की सुरक्षा को लेकर किए गए दावे पर सवाल खड़ा होने लगा है. सवाल यह है कि मेडिकल कॉलेज में इलाज करवाने आ रहे लोग मरीज की देखभाल करें कि चूहों से अपने मरीज को बचाएं. चूहा मरीजों का सामान तक उठाकर ले जाते हैं. मरीजों की मांग है कि अस्पताल प्रशासन चूहों से उनको जल्द निजात दिलाए.
चूहे साबुन और बिस्किट उठा ले जाते हैं
अन्य मरीज के परिजन ने बताया कि चूहे वार्ड में बहुत परेशान करते हैं. उनका साबुन उठा ले जाते हैं, कभी बिस्किट काट देते हैं. हर जगह कूदते रहते हैं. ऑक्सीजन पाइप के पास घूमते -घूमते बिस्तर पर भी आ जाते हैं.
चूहों को भगाने के लिए किया ये उपाय
मेडिकल कॉलेज के मेडिकल सुप्रिटेंडेंट डॉ.डी एन सिंह ने भी हड्डी वार्ड में चूहों की समस्या को स्वीकार किया. उन्होंने इसके समाधान के लिए चूहादानी और दवा के छिड़काव के साथ ही सफाई करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही सफाई सुपरवाइजरों को वार्ड की नियमित और गहन सफाई सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है.
वार्ड में मरीजों के लिए सख्त नियम
साथ ही मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए भी सख्त नियम बनाए गए हैं. अब केवल विजिटिंग आवर्स को छोड़कर एक मरीज के साथ केवल एक ही तीमारदार रहने की अनुमति होगी, ताकि वार्ड में भीड़ कम रहे और गंदगी न फैले. वही अस्पताल प्रशासन पेस्ट कंट्रोल मैनेजमेंट की मदद लेने पर भी विचार कर रहा है और इसके लिए उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया है.
अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग होने के कारण भी यह समस्या आ रही है. नई बिल्डिंग में वार्डों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया चल रही है, जिससे इस समस्या का स्थायी समाधान होने की उम्मीद है. डॉक्टर ने विश्वास दिलाया है कि इन उपायों से चूहों की समस्या पर जल्द ही काबू पा लिया जाएगा.














