- गाजियाबाद में छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी सुशील प्रजापति को जमानत मिलने के बाद धूमधाम से रोड शो निकाला गया
- आरोपी सुशील प्रजापति हिंदू युवा वाहिनी का नगर अध्यक्ष रह चुका है और उसके समर्थक जेल के गेट पर पहुंच गए थे
- आरोप है कि सुशील प्रजापति ने छात्रा को प्रैक्टिस और चैंबर दिलाने के बहाने नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म किया था
गाजियाबाद में एलएलबी छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी को जमानत मिलने के बाद धूमधाम से रोड शो निकाला गया. आरोपी सुशील प्रजापति हिंदू युवा वाहिनी का नगर अध्यक्ष रह चुका है. सुशील को जमानत के बाद जब रिहा किया गया तो जेल के गेट पर ही उसके समर्थक पहुंच गए. उसके बाहर आते ही उसका स्वागत किया गया और फिर रोड शो निकाला गया.
आरोपी सुशील प्रजापति के बाहर आते ही समर्थकों ने फूल-मालाओं से उसका स्वागत किया और नारेबाजी करते हुए गाड़ियों के साथ उसका काफिला निकला. इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है. हालांकि, सुशील का दावा है कि जो गाड़ियां दिख रही हैं, वह उनके साथ नहीं थीं. उसने दावा किया कि वीडियो को गलत तरीके से दिखाया जा रहा है.
क्या था मामला?
यह मामला मुरादनगर थाने में दर्ज उस FIR से जुड़ा है, जिसमें 8 अगस्त 2025 को एक एलएलबी छात्रा ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने उसे प्रैक्टिस और चैंबर दिलाने के बहाने फ्लैट पर ले जाकर नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म किया और धमकी भी दी.
सुशील ने कहा- वीडियो गलत तरीके से दिखाया जा रहा है
वीडियो वायरल होने के बाद NDTV ने सुशील से बात की. सुशील ने कहा कि वीडियो को गलत तरीके से दिखाया जा रहा है.
उसने कहा, 'जिस दिन मैं जेल से बाहर आया था यानी 17 मई को उस दिन मेरे अलावा 17-18 लोग और जेल से बाहर आए थे. मेरे साथ मेरे परिवार के लोग थे और वे खुश थे कि 9 महीने बाद मैं जेल से बाहर आया हूं. मेरे परिवार को मुझ पर पूरा भरोसा था कि मैं अपनी जगह गलत नहीं हूं.'
उसने कहा, 'उस वीडियो में जो बाकी लोग हैं, वे दूसरे लोगों के साथ आए थे. इस वीडियो को गलत तरीके से दिखाया जा रहा है.'
सुशील ने दावा करते हुए कहा कि डासना जेल के बाहर कंजेस्टेड एरिया है तो वहां गाड़ियां ऐसे ही खड़ी रहती हैं. वो गाड़ियां मेरे साथ नहीं थी. मेरे साथ सिर्फ दो गाड़ी थे. उसने कहा कि ये वीडियो कुछ बच्चों ने बनाई और उसे सोशल मीडिया पर डाल दिया.
9 महीने बाद जेल से रिहा हुआ आरोपी
पुलिस ने आरोपी पर इनाम घोषित कर 11 अगस्त 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। करीब नौ महीने बाद 17 मई को वह जमानत पर बाहर आया. वायरल वीडियो में समर्थक आरोपी पर फूल बरसाते और जुलूस निकालते दिख रहे हैं, जिससे कई सवाल खड़े हो गए हैं.