- गाजियाबाद के इंदिरापुरम में लगी भीषण आग के बाद जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन के लिए अलर्ट मोड सक्रिय कर दिया है
- जिला आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में हाई-राइज इमारतों की सुरक्षा और भवन मानकों के कड़ाई से पालन पर जोर दिया
- आग बुझाने के लिए 70 दमकल कर्मियों ने 17 गाड़ियों हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की सहायता से दो घंटे में नियंत्रण पाया
गाजियाबाद के इंदिरापुरम के अभय खंड स्थित गौर ग्रीन एवेन्यू सोसायटी में आग लगने की घटना के बाद जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है. गुरुवार को जिलाधिकारी रवींद्र कुमार मंदार की अध्यक्षता में जिला आपदा प्रबंधन समिति (DDMC) की बैठक हुई, जिसमें हाल की घटनाओं की समीक्षा के साथ‑साथ भविष्य में हादसों को रोकने और आपदा तैयारी को मजबूत करने पर चर्चा की गई. इस बैठक में पुलिस, नगर निगम, फायर विभाग, बिजली विभाग समेत 17 विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए. जिलाधिकारी ने बताया कि खास तौर पर हाई‑राइज इमारतों और स्लम क्षेत्रों में दुर्घटनाओं को कम करने और हाउस सेफ्टी मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया. तेजी से विकसित होते गाजियाबाद में जोखिम कम करना और आपदा प्रतिक्रिया क्षमता मजबूत करना प्रशासन का मुख्य मकसद है.
DDMC बैठक में हाई‑राइज बिल्डिंग्स पर बड़ा फोकस
बैठक में नए फायर स्टेशन स्थापित करने, हाई‑राइज इमारतों का सुरक्षा ऑडिट कराने और बिल्डरों द्वारा स्वीकृत नक्शों में किए गए किसी भी बदलाव की जांच के प्रस्ताव रखे गए. इसके साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि कहीं सर्विस पार्किंग स्पेस को बेच दिया गया है या अतिक्रमण तो नहीं किया गया, जिससे इमरजेंसी वाहनों की आवाजाही में बाधा आती है. जिलाधिकारी ने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) को ऐसे मामलों की जांच कर नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर निरस्तीकरण की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. बिजली विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं कि गर्मी के दौरान बढ़े हुए लोड की मांग पर तुरंत कार्रवाई करे, ताकि ओवरलोड और शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाओं से आग लगने का खतरा कम किया जा सके. इसके अलावा इमारतों में लगे फायर सेफ्टी सिस्टम को पूरी तरह कार्यशील रखने और अनिवार्य रूप से फायर सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्ति सुनिश्चित करने के लिए जल्द एक एडवाइजरी जारी की जाएगी.
ये भी पढ़ें : गाजियाबाद की बिल्डिंग में लगी आग से कई फ्लैट्स को भारी नुकसान, कौन देगा मुआवजा ?
नक्शा उल्लंघन और सर्विस पार्किंग पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
प्रशासन ने कहा है कि सात दिनों के भीतर एक विस्तृत सर्वे रिपोर्ट तैयार होगी, जिसके आधार पर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे. प्रशासनिक सख्ती की यह पहल बुधवार सुबह गौर ग्रीन एवेन्यू सोसायटी में लगी भीषण आग के बाद सामने आई है. आग लगते ही इलाके में हड़कंप मच गया, जब ऊपरी मंजिलों के फ्लैटों में आग तेजी से फैलते हुए 9वीं, 10वीं और 11वीं मंजिल तक पहुंच गई. जहां कुछ ही देर में पूरी बिल्डिंग काले और जहरीले धुएं से भर गई. जानकारी के मुताबिक सुबह करीब 8:48 बजे फायर स्टेशन वैशाली को घटना की सूचना मिली. सूचना मिलते ही मुख्य अग्निशमन अधिकारी के नेतृत्व में दमकल विभाग की टीम पांच फायर टेंडर के साथ मौके पर पहुंची. हालात बेहद गंभीर थे और कई फ्लैटों में आग धधक रही थी, जबकि कुछ लोग अंदर फंसे हुए थे. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अन्य फायर स्टेशनों से भी मदद मंगाई गई.
बुधवार सुबह लगी भीषण आग, बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन
इसके अलावा गौतमबुद्धनगर से हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और अतिरिक्त दमकल वाहन भी मौके पर बुलाए गए. कुल 17 दमकल गाड़ियां, वाटर बाउजर और दो हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की मदद से राहत और रेस्क्यू कार्य शुरू किया गया. दमकल विभाग की टीमों ने दो हिस्सों में बंटकर एक ओर आग बुझाने और दूसरी ओर सीढ़ियों व उपकरणों की मदद से फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान चलाया. रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान करीब 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. इनमें एक महिला और एक बुजुर्ग भी शामिल थे, जिन्हें धुएं के कारण ऑक्सीजन सपोर्ट देना पड़ा. घने धुएं और अफरा‑तफरी के चलते मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी. दमकल कर्मियों ने एहतियात के तौर पर पूरी बिल्डिंग को खाली कराया. कई फ्लैटों के दरवाजे बंद होने के कारण रेस्क्यू कटर की मदद से दरवाजे तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया और आग पर काबू पाया गया.
ये भी पढ़ें : बार-बार जलती इमारतें, इंदिरापुरम से अनाज मंडी तक, दिल्ली-एनसीआर के अग्निकांड
कोई जनहानि नहीं, फायर सेफ्टी सख्त करने की तैयारी
करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह बुझा लिया गया. इस पूरे ऑपरेशन में लगभग 70 दमकल कर्मियों ने संयुक्त रूप से काम किया. राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई. हालांकि धुएं और गर्मी की वजह से कुछ फ्लैटों को आंशिक नुकसान जरूर पहुंचा है. दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई से आसपास के करीब 22 फ्लैटों को आग की चपेट में आने से बचा लिया गया. मौके पर सिविल डिफेंस, पुलिस, मेडिकल टीम, एसडीआरएफ और प्रशासन के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे और बचाव कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि इस घटना से सबक लेते हुए गाजियाबाद में फायर सेफ्टी और आपदा प्रबंधन को लेकर अब किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी.
(एएनआई इनुपट्स के साथ)














