फिरोजाबाद में यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) कानून के विरोध को लेकर भारतीय जनता पार्टी को उस समय बड़ा झटका लगा, जब भाजपा महिला मोर्चा की जिला मंत्री शशि तोमर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने व्हाट्सएप के माध्यम से अपना त्यागपत्र पार्टी नेतृत्व को भेजते हुए यूजीसी कानून पर कड़ा ऐतराज जताया है.
शशि तोमर ने आरोप लगाया, कि नया यूजीसी कानून सवर्ण समाज के बच्चों की शैक्षणिक स्वतंत्रता को प्रभावित करने वाला है और इससे समाज में असंतोष बढ़ेगा. उन्होंने कहा, कि यह कानून समाज विशेष के बच्चों को गुलामी की ओर ले जाने वाला है, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता. अपने राजनीतिक सफर के बारे में बताते हुए शशि तोमर ने कहा, कि वह भाजपा की चार बार सक्रिय सदस्य रह चुकी हैं और पूर्व में क्षेत्र पंचायत सदस्य भी रही हैं. छात्र जीवन में वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़ी रहीं और मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में संगठनात्मक दायित्व भी निभा चुकी हैं.
जब तक कानून वापस नहीं लिया जाता, विरोध जारी रहेगा
उन्होंने यूजीसी कानून के पूर्ण बहिष्कार की घोषणा करते हुए कहा, कि जब तक यह कानून वापस नहीं लिया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और उनके कार्यों पर उनका भरोसा कायम है और वह आगे भी योगी सरकार का समर्थन करती रहेंगी. शशि तोमर के इस्तीफे के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. वहीं, इस पूरे मामले पर भाजपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
यूजीसी बिल के काले कानून के विरोध में दिया इस्तीफा
शशि तोमर जिला मंत्री महिला मोर्चा फ़िरोज़ाबाद का कहना है कि मैंने यूजीसी बिल के काले कानून के विरोध में इस्तीफा दिया है आगे चलकर हमारे बच्चों का भविष्य खराब हो जाएगा सवर्ण समाज के लिए यह कानून बहुत ही खराब है क्योंकि हम गुलामी में जिएंगे और हमारे कोई भी सुनने वाला नहीं होगा कहीं भी हम शिकायत करते हैं तो कोई हमारी शिकायत नहीं सुनी जाएगी. मैं बचपन से जुड़ी हुई हूं अच्छी पार्टी थी और हमने पार्टी के लिए बहुत काम भी किया है. गुलामी में जीने से तो बढ़िया है इस पद का हम क्या करेंगे जिस पद में हमारा कोई मान सम्मान ही नहीं है. तो उसे पद पर रहकर क्या फायदा जब सवाल समाज के लिए यूजीसी का काला कानून आया है इससे घाटा ही घाटा है कोई फायदा ही नहीं है.
हमारे बच्चे पूछेंगे... तो हम उन्हें क्या बताएंगे...
उन्होंने आगे कहा, अगर हमारे बच्चे पूछेंगे भविष्य में तो हम उन्हें क्या बताएंगे कि हमने उसका विरोध भी नहीं किया मुख्यमंत्री जी से तो मेरा कोई विरोध नहीं है यह केंद्र का है तो प्रधानमंत्री मोदी जी से यही कहूंगी कि इस काले कानून को वापस लिया जाए अगर यूजीसी के काले कानून को आप वापस लेते हैं तो हमें आपसे कोई दिक्कत नहीं है और ना ही पार्टी से कोई दिक्कत अगर बाबा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चेहरे पर वोट मांगेंगे तो वोट करेंगे और किसी के चेहरे पर अगर वोट मांगे जाएंगे तो हम वोटिंग नहीं करेंगे. मैं सिर्फ यही कहना चाहती हूं कि इस काले कानून को आप वापस ले लो.














