एक को अपराधी, एक को पीड़ित मान लिया है... UGC नियमों को बृजभूषण शरण सिंह ने क्यों बताया एकतरफा?

पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने UGC के नियमों का विरोध किया है. उन्होंने इसे एकतरफा बताया है. और कहा कि यह बिल समाज को बांटने वाला है. गोंडा से अनुराग कुमार की रिपोर्ट.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने यूजीसी के नियमों को एकतरफा और समाज को बांटने वाला बताया है
  • उन्होंने कहा कि यह नियम एक समाज को अपराधी और दूसरे को पीड़ित मानकर सामाजिक तनाव बढ़ाएगा
  • बृजभूषण ने सरकार से इस नियम पर पुनर्विचार करने और पूरे समाज की भावना समझने का आग्रह किया है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
गोंडा:

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नियमों का पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने भी विरोध किया है. उन्होंने इसे 'एकतरफा' बताया है. पहली बार सके विरोध में बोलते हुए उन्होंने कहा कि ये एकतरफा है. इसमें एक समाज को अपराधी और एक को पीड़ित मान लिया गया है. ये किसी एक नहीं, बल्कि पूरे समाज की पीड़ाक है. इसमें SC और OBC समाज के लोगों को भी आने आना पड़ेगा. गांव में कैसे सर्व समाज मिलकर सकता है. 

उन्होंने कहा कि सरकार को इस पर पुनर्विचार करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि इससे देश का माहौल खराब हो रहा है. उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि सरकार इसका रास्ता निकाल ले. उन्होंने कहा कि देश भर में सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक पर आंदोलन हो रहा है. यह व्यापक आंदोलन का रूप ले इसके पहले सरकार ध्यान दे. कोई भी व्यक्ति समाज में तनाव नहीं चाहता.

और क्या बोले बृजभूषण?

बृजभूषण ने यूजीसी के नियमों को समाज को बांटने वाला बताया. उन्होंने कहा कि एक समाज को शोषित मान लिया गया है और एक समाज को पीड़ित मान लिया गया है. और जो शोषित समाज है, उसका कोई नुमाइंदा भी उस कमेटी में नहीं रहेगा. तो यह बिल समाज को बांटने का काम करेगा.

उन्होंने कहा कि किस मंशा से लाया गया, मुझे यह मालूम नहीं. लेकिन इस बिल से समाज में तनाव पैदा हो रहा है. तो मेरा यह कहना है कि इसमें जो ओबीसी के बच्चे हैं या दलित समाज के वह बच्चे हैं जो सारी स्थिति को समझते हैं, उनको भी इसमें आगे आना पड़ेगा और यह केवल सवर्ण समाज की ही पीड़ा नहीं है, यह सर्व समाज की पीड़ा है. 

पुनर्विचार करे सरकारः बृजभूषण

उन्होंने कहा कि ऑफिस में बैठकर के आप निर्णय न लें, आप गांव में आएं और देखें कि कैसे गांव में सर्व समाज मिलकर रहता है तो आज फिर मेरा आग्रह यही है कि यह एकतरफा है, इससे तनाव फैल रहा है, नफरत फैल रही है, तो इस बिल पर पुनर्विचार की जरूरत है. उन्होंने कहा कि देश का माहौल बहुत ज्यादा खराब हो रहा है, यह खराब नहीं होना चाहिए, रुकना चाहिए। इसीलिए मैं चाहता हूं कि इसका कोई रास्ता सरकार निकाले.

बृजभूषण ने कहा कि जगह-जगह आंदोलन हो रहा है, छोटे-छोटे समूहों में और जिला स्तर पर हो रहा है, प्रदेश स्तर पर हो रहा है.  यह व्यापक रूप धारण करे, इसके पहले सरकार को विचार करना चाहिए. क्योंकि कोई व्यक्ति समाज में तनाव नहीं चाहता है. 

Advertisement

उन्होंने कहा कि राजनीति को और इस विषय को एक करके नहीं देखना चाहिए. यह वोट का सवाल नहीं है, यह सवाल है समाज को खंड-खंड कर देगा, इसलिए पूरे समाज को इसका विरोध करना है.

Featured Video Of The Day
लड़ो और मरो की मशीन लगा दी... यूजीसी को लेकर शंकराचार्य का सरकार पर हमला, देखें VIDEO