- अखिलेश ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग और भाजपा ने फॉर्म-7 के जरिए PDA वोटरों का नाम हटाने की योजना बनाई है.
- सपा नेता ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान PDA वोटरों के नाम काटे जा रहे हैं.
- सपा प्रमुख ने फॉर्म-7 की जांच के लिए न्यायिक प्रक्रिया और सीसीटीवी फुटेज निकासी की मांग की है.
समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ मिलकर सभी जिलों में फॉर्म-7 के जरिए PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के वोटरों को मतदाता सूची से हटाने की योजना बना ली है. अखिलेश यादव ने सपा मुख्यालय में मंगलवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन आयोग ने BJP के साथ मिलकर सभी जिलों में फॉर्म-7 के जरिए PDA समुदाय के मतदाताओं के नामों को सूची से हटाने की योजना बना ली है.
भारत निर्वाचन आयोग के प्रारूप फॉर्म-7 के तहत मृत्यु, स्थान परिवर्तन के कारण निर्वाचक/नामावली में अन्य व्यक्ति का नाम सम्मिलित करने पर आपत्ति, अपना नाम हटाने, किसी अन्य व्यक्ति का नाम हटाने के लिए आवेदन किया जाता है. यादव ने कहा कि आज का मुद्दा बहुत गंभीर है और मुझे लोकसभा का सत्र छोड़कर आपके (पत्रकारों) बीच आना पड़ा है.
सपा प्रमुख ने कहा कि कुछ लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री कार्यालय में बैठे भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के एक अधिकारी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों पर पीडीए मतदाताओं के नाम काटने का दबाव बना रहे हैं, इसके लिए उन्हें धमकाया जा रहा है. यादव ने कहा कि उनका नाम (संबंधित आईएएस) वह बाद में बताएंगे.
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने संवाददाता सम्मेलन की शुरुआत करते हुए कहा कि फॉर्म-7 को लेकर जगह-जगह से खबर आ रही हैं और यह सूचना मिल रही है कि उसमें भाजपा बड़े पैमाने पर धांधली की तैयारी कर रही है. उन्होंने कहा कि जिस समय से उन्हें यह सूचना मिलना शुरू हुई उसी समय सोशल मीडिया के माध्यम से शिकायत की और इस संबंध में निर्वाचन आयोग को लिखित शिकायत दी गई है.
सपा प्रमुख ने कहा कि फॉर्म-7 की धांधली के सबूतों के साथ उनकी मांग है कि डाउनलोडेड फॉर्म के सत्यापन की कोई वैकल्पिक व्यवस्था हो. उन्होंने कहा कि केवल कागजी औपचारिकता ना हो, बल्कि हर फार्म पर नंबरिंग हो, उस पर ईसीआई का होलोग्राम हो. यादव ने अब तक जमा किए गए सभी फॉर्म-7 निरस्त किये जाने की मांग भी की.
यादव ने कहा कि “अब तक जमा हुए सभी फॉर्म पर जो हस्ताक्षर हैं, उनकी न्यायिक जांच हो और घपलेबाजी को पकड़ने के लिए एआई का सहारा लिया जाए. उन्होंने कहा कि फॉर्म-7 जमा करते समय की सीसीटीवी फुटेज निकाली जाए और जो भी आरोपी पकड़ा जाए उसके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर उसके ऊपर राज्य के खिलाफ साजिश करने और धोखाधड़ी करने का मुकदमा चले.
सपा प्रमुख ने सबसे पहले सीतापुर से मिली शिकायत का जिक्र करते हुए कहा कि जानबूझकर मुस्लिम मतदाता के प्रिंटेड फॉर्म-7 जमा कर उनके वोट काटने की साजिश हो रही है. उन्होंने कहा कि जब इसकी जांच करने के लिए समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे कि कौन शिकायत कर रहा है तो जिस व्यक्ति के नाम पर दस्तखत कर शिकायत की गई थी, वह व्यक्ति अंगूठा लगाता था, उसे दस्तखत करना ही नहीं आता था जबकि शिकायत में उसके फर्जी दस्तखत किए गए थे.
उन्होंने कहा कि पीडीए और मुस्लिम मतदाताओं के वोट काटे जा रहे हैं तथा कन्नौज में मतदान केंद्र से 1,200 मुस्लिम मतदाताओं के नाम कटे हैं. सपा मुख्यालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक अखिलेश यादव ने हर मतदाता और हर एक 'पीडीए प्रहरी' से एक बार फिर ये अपील की है कि पीडीए समाज के वोटों को काटने की किसी भी साजिश को कामयाब न होने दें.
उन्होंने लोगों को सावधान करते हुए कहा, ‘‘हर मतदाता को याद दिलाइए कि मतदाता सूची में आपके नाम का महत्व क्या है. कल को मतदाता सूची में नाम न होने को आधार बनाकर कहीं भाजपा सरकार कोई ऐसा काला क़ानून न ले आए, जिससे आपका नाम कागज़ों से गायब मानकर और फिर उसको सबूत मानते हुए महत्वपूर्ण प्रमाणपत्र सबसे, आपका नाम कट जाए या आप अपने ही देश में बाहरी साबित कर दिए जाएं.''
यादव ने कहा कि समझ लीजिए मतदाता सूची में आपका नाम होना ही आपके नागरिक होने की निशानी है. सपा प्रमुख ने कहा, ‘‘'पीडीए समाज' ये सोचकर चले कि जब हमारे पास वोट डालकर सरकार बनाने का अधिकार है, तब तो हमारा इतना उत्पीड़न होता है, अगर वोट डालने का निर्णायक अधिकार हमारे 'पीडीए समाज' के लोगों के पास नहीं होगा तो हमें कितना प्रताड़ित किया जाएगा.''
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य बोले- सत्ता नहीं होने पर व्याकुल हो जाते हैं विपक्षी नेता
अखिलेश सहित अन्य विपक्षी नेताओं के आरोपों पर यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज सर्किट हाउस में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा- कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सपा मुखिया अखिलेश यादव, बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और RJD नेता तेजस्वी यादव बिना सत्ता के नहीं रह सकते. जब इनके पास सत्ता नहीं होती तो ये व्याकुल हो जाते हैं. सेवा इनके संस्कार में है ही नहीं.
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आगे कहा कि अब इनकी दुकान नहीं चलेगी, जनता ने इन नेताओं को सत्ता से दूर रखने का निर्णय ले लिया है. सत्ता के बिना बेचैन रहने वाले मुद्दा विहीन लोग फर्जी आरोप लगाते हैं, फर्जी राजनीति करते हैं.
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