- लखनऊ में ‘ऑपरेशन मीट एंड ग्रीट’ अभियान के दौरान दो रातों में 2654 शराब पीकर वाहन चलाने वालों को पकड़ा गया.
- इस अभियान में 69,683 वाहनों की जांच की गई और कुल 2.65 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया.
- अभियान के दौरान हर टोल प्लाजा पर जांच टीमें ब्रेथ एनालाइजर, बॉडी कैमरा और रिफ्लेक्टिव जैकेट के साथ तैनात रहीं.
Drink and Drive Test: शराब पीकर गाड़ी चलाना न केवल एक कानूनन अपराध है, बल्कि यह जानलेवा भी है. ड्रिंक एंड ड्राइव को रोकने के लिए भारत में कड़े कानून है. लेकिन सामान्य दिनों में इस कानून का पालन सामान्य तरीके से ही होता है. विशेष अभियान के मौके पर जब बड़ी संख्या में नशे में मस्त ड्राइविंग करते लोग पकड़े जाते हैं तो यह चर्चा का विषय बनती है. ऐसा ही ताजा मामला यूपी की राजधानी लखनऊ से सामने आया है. जहां ड्रिंक एंड ड्राइव के खिलाफ चले बड़े एक्शन में दो रात में 2654 लोग शराब पीकर गाड़ी चलाते पकड़े गए. इन लोगों पर 2.65 करोड़ का जुर्माना लगाया गया. दरअसल लखनऊ में शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ ‘ऑपरेशन मीट एंड ग्रीट' अभियान शुरू किया गया है.
यूपी यातायात पुलिस के ‘ऑपरेशन मीट एंड ग्रीट' अभियान के तहत लखनऊ में 135 टोल प्लाजा पर वाहनों की जांच की गई. 9 और 10 मई की रात को चले इस विशेष अभियान में हजारों वाहन चालकों की जांच हुई.
69683 वाहनों की हुई जांच
शराब पीकर ड्राइविंग करने पर 2,654 वाहन चालकों के खिलाफ चालान काटा गया. अभियान में 2.65 करोड़ रुपए से अधिक का अर्थदंड लगाया गया. मिली जानकारी के अनुसार 69,683 वाहनों की जांच कर यातायात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. एडीजी यातायात ए सतीश गणेश ने अभियान की जानकारी दी है. डीजीपी राजीव कृष्ण के निर्देश पर यह विशेष जागरूकता अभियान शुरू हुआ.
इस अभियान के बारे में यह भी पता चला कि शनिवार और रविवार को सड़क हादसों में शराब पीकर ड्राइविंग के मामले ज्यादा मिले. टोल प्लाजा की हर लेन पर जांच के लिए समर्पित टीमें तैनात रहीं. जांच टीमों को ब्रेथ एनालाइजर, बॉडी वॉर्न कैमरा और रिफ्लेक्टिव जैकेट उपलब्ध रहे.
महिला पुलिसकर्मियों ने परिवार संग यात्रा कर रही महिलाओं से कुशलक्षेम पूछा. डंपर और ट्रकों की हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट का मौके पर सत्यापन भी किया गया. अभियान में यातायात, पुलिस और होमगार्ड के 3,645 कर्मी तैनात रहे.
शराब पीकर गाड़ी चलाने पर क्या मिलेगी सजा?
ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि शराब पीकर वाहन चलाना मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के तहत दंडनीय अपराध है. पहली बार पकड़े जाने पर 10 हजार जुर्माना या 6 माह जेल के प्रावधान है. दोबारा शराब पीकर वाहन चलाते पकड़े जाने पर 15 हजार जुर्माना और 2 साल तक जेल की सजा दी जा सकती है.
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