यूपी के बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह एक बार फिर चर्चा में है. चर्चा एक विवाद से जुडी है. विवाद की वजह अल्मोड़ा के जागेश्वर धाम के गर्भ गृह में उनके सरकारी गनर का असलहा लेकर घुसना जिसके बाद गर्भगृह पुजारियों विरोध करना. दरअसल डीएम के साथ असलहा लेकर उनका गनर सिपाही गर्भगृह में आ पहुंचा जिसके बाद मंदिर के पुजारियों द्वारा इसका जबरजस्त विरोध किया गया.
इस पुरे मामले में बरेली डीएम ने एक नोट लिखकर माफ़ी मांगी है. बरेली डीएम अविनाश सिंह ने अपने लिखे इस नोट में जागेश्वर धाम सरकार वहां के समस्त पुरोहित, पुजारीयों,श्रद्धालुओं और समाज के नाम एक माफीनामा लिखा है. यह पहली बार नहीं है कि जब अविनाश सिंह के नाम चर्चा में आया हो सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव बरेली में जुम्मे के दिन हुए बवाल पर इन पर निशाना साथ चुके हैं.
डीएम अविनाश सिंह ने अपने इस नोट में लिखा कि दुख की पराकाष्ठा पर अनजाने में हुई इस गलती के लिए हृदय से क्षमा प्रार्थी हूं. भगवान जागेश्वर धाम सरकार के चरणों में सर झुका कर माफी मांगता हूं, समस्त पुरोहित समाज व समस्त डालू भक्त दिनों से भी उसे सिपाही द्वारा अनजाने में की गई गलती के लिए क्षमा प्रार्थी हूं, भविष्य में ऐसा कभी नहीं होगा.
साल 2025 में बरेली में जुम्मे की नमाज के दौरान हुए बवाल के बाद अखिलेश यादव ने बरेली के जिला अधिकारी पर निशाना साधा था. बवाल को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज किया था जिला प्रशासन की इस कार्रवाई का समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव ने जमकर विरोध किया था. अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि बरेली में शासन और प्रशासन ने मिलकर बवाल कराया है. अविनाश सिंह जैसे लोग जिलों में रहकर बीजेपी को फायद कराते हैं. अगर इतना शौक है तो चुनाव क्यों नहीं लड़ लेते हैं.














