जागेश्वर धाम गर्भगृह विवाद पर डीएम बरेली ने सपत्नी मांगी माफ़ी, असलहा लेकर घुसा था सिपाही 

डीएम अविनाश सिंह ने अपने इस नोट में लिखा कि दुख की पराकाष्ठा पर अनजाने में हुई इस गलती के लिए हृदय से क्षमा प्रार्थी हूं. भगवान जागेश्वर धाम सरकार के चरणों में सर झुका कर माफी मांगता हूं, समस्त पुरोहित समाज व समस्त डालू भक्त दिनों से भी उसे सिपाही द्वारा अनजाने में की गई गलती के लिए क्षमा प्रार्थी हूं, भविष्य में ऐसा कभी नहीं होगा. 

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यूपी के बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह एक बार फिर चर्चा में है. चर्चा एक विवाद से जुडी है. विवाद की वजह अल्मोड़ा के जागेश्वर धाम के गर्भ गृह में उनके सरकारी गनर का असलहा लेकर घुसना जिसके बाद गर्भगृह पुजारियों विरोध करना. दरअसल डीएम के साथ असलहा लेकर उनका गनर सिपाही गर्भगृह में आ पहुंचा जिसके बाद मंदिर के पुजारियों द्वारा इसका जबरजस्त विरोध किया गया. 

इस पुरे मामले में बरेली डीएम ने एक नोट लिखकर माफ़ी मांगी है. बरेली डीएम अविनाश सिंह ने अपने लिखे इस नोट में जागेश्वर धाम सरकार वहां के समस्त पुरोहित, पुजारीयों,श्रद्धालुओं और समाज के नाम एक माफीनामा लिखा है. यह पहली बार नहीं है कि जब अविनाश सिंह के नाम चर्चा में आया हो सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव बरेली में जुम्मे के दिन हुए बवाल पर इन पर निशाना साथ चुके हैं.

बरेली डीएम अविनाश सिंह ने बताया कि 29 जनवरी 2026 को उनके पिताजी के देहांत से पहले जागेश्वर धाम सरकार में एक महामृत्युंजय का जाप रखवाया गया था उसको प्रातः ऑनलाइन दर्शन पूजन अर्चना करते थे इसी बीच उनके पिताजी ने पार्थिव देव का त्याग किया और उनकी आत्मा की शांति के लिए हवन पूजन करने वह सपत्नी छुट्टी लेकर जागेश्वर धाम गए थे वहां पर शाम के समय पूजा के वक्त सिपाही कुछ पूजा की सामग्री लेकर अनजाने में गर्भगृह के अंदर आ गया जिसे तत्काल बाहर कर दिया गया. 

डीएम अविनाश सिंह ने अपने इस नोट में लिखा कि दुख की पराकाष्ठा पर अनजाने में हुई इस गलती के लिए हृदय से क्षमा प्रार्थी हूं. भगवान जागेश्वर धाम सरकार के चरणों में सर झुका कर माफी मांगता हूं, समस्त पुरोहित समाज व समस्त डालू भक्त दिनों से भी उसे सिपाही द्वारा अनजाने में की गई गलती के लिए क्षमा प्रार्थी हूं, भविष्य में ऐसा कभी नहीं होगा. 

अविनाश सिंह 2014 बैच के आईएएस ऑफिसर हैं जो की मूलता जौनपुर के निवासी हैं इसके पहले वह गोरखपुर और मिर्जापुर में अपनी सवारी दे चुके हैं साथ 2023 में उन्हें पहली बार जिला मिला और अम्बेडकरनगर के डीएम बने, इसके बाद 2025 में उन्हें बरेली की जिम्मेदारी दी गयी. गोरखपुर में अविनाश सिंह नगर आयुक्त के पद पर तो मिर्ज़ापुर में वो मुख्य विकास अधिकारी के पद पर रहे.

साल 2025 में बरेली में जुम्मे की नमाज के दौरान हुए बवाल के बाद अखिलेश यादव ने बरेली के जिला अधिकारी पर निशाना साधा था. बवाल को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज किया था जिला प्रशासन की इस कार्रवाई का समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव ने जमकर विरोध किया था. अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि बरेली में शासन और प्रशासन ने मिलकर बवाल कराया है. अविनाश सिंह जैसे लोग जिलों में रहकर बीजेपी को फायद कराते हैं. अगर इतना शौक है तो चुनाव क्‍यों नहीं लड़ लेते हैं.

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