पुलिस ने रोका तो लगा दी दौड़... दलित महिला की हत्या और बेटी के अपहरण के बाद मेरठ निकले चंद्रशेखर

मेरठ पुलिस के अनुसार, जिले के कपसाड़ गांव में अपराधियों ने एक 20 साल की लड़की का अपहरण किया था. इस दौरान, 50 साल की महिला ने अपनी बेटी को बचाने की कोशिश की, लेकिन अपराधियों ने उस पर धारदार हथियार से हमला किया. बाद में महिला की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई.

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  • मेरठ जिले के कपसाड गांव में दलित महिला की हत्या और उसकी बेटी के अपहरण से क्षेत्र में तनाव फैल गया है
  • सांसद चंद्रशेखर को गाजीपुर बॉर्डर पर गाजियाबाद पुलिस ने रोक दिया, जिसके बाद पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई
  • पुलिस ने नगीना सांसद को कपसाड गांव तक जाने से रोकने के लिए दिल्ली से मेरठ तक चार स्तर की नाकेबंदी की है
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गाजीपुर (उत्तर प्रदेश):

मेरठ जिले में सरधना क्षेत्र के कपसाड गांव में एक दलित महिला की हत्या और उसकी बेटी के अपहरण के बाद वहां तनाव फैल गया है. कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती से पूरा गांव एक तरह से छावनी में तब्दील हो गया. वहीं इस घटना पर राजनीति भी तेज हो गई है. आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर भी पीड़ित परिजनों से मिलने के लिए निकले. हालांकि गाजीपुर बॉर्डर पर गाजियाबाद पुलिस ने उन्हें रोका दिया. इसके बाद उन्होंने सड़क पर ही दौड़ लगा दी.

गाजीपुर बॉर्डर पर रोके जाने के दौरान सांसद चंद्रशेखर आजाद की गाजियाबाद पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई. इसके बाद वो गाड़ी छोड़कर पैदल ही आगे बढ़ गए. फिर उन्होंने दौड़ लगा दी. आगे फिर वो गाड़ी में बैठकर मेरठ के लिए निकल गए.

इधर गाजियाबाद पुलिस हाथ मलती रह गई. फिर टोल प्लाजा की गाड़ियों में वो चंद्रशेखर आजाद की तलाश में लग गई. उन्हें रोकने के लिए दिल्ली से मेरठ तक पुलिस ने नाकेबंदी लगाई है. पुलिस ने मेरठ हत्याकांड में दलित परिवार से मिलने जा रहे नगीना सांसद को रोकने के लिए चार स्तर की सुरक्षा की व्यवस्था की है.

चंद्रशेखर आजाद को रोकने के लिए पुलिस ने की नाकेबंदी

गाजीपुर टोल प्लाजा से लेकर काशी टोल प्लाजा और सिवाय टोल प्लाजा पर पुलिस का नाका है. चंद्रशेखर आजाद को भी गांव तक नहीं जाने दिया जाएगा. भीम आर्मी के सुप्रीमो को रोकने के लिए तीन जगहों पर पुलिस का जबरदस्त नाका है. पहली नाकेबंदी दिल्ली के नजदीक काशीपुर टोल प्लाजा पर है. दूसरी नाकेबंदी सिवाय टोल प्लाजा पर है और तीसरी कपसाढ गांव के नजदीक कई जगहों पर पुलिस के छोटे बड़े नाके लगे हैं.

इधर आजाद समाज पार्टी के लोग विरोध में काशी टोल प्लाजा पर धरने पर बैठ गए. ये कपसाढ गांव के अंदर की नाकेबंदी है.
 

मेरठ पुलिस के अनुसार, जिले के कपसाड़ गांव में अपराधियों ने एक 20 साल की लड़की का अपहरण किया था. इस दौरान, 50 साल की महिला ने अपनी बेटी को बचाने की कोशिश की, लेकिन अपराधियों ने उस पर धारदार हथियार से हमला किया. बाद में महिला की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई.

कपसाड़ गांव में मां की हत्या कर बेटी को किया अगवा

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में अनुसूचित जाति की एक महिला अपनी 20 वर्षीय बेटी के साथ खेत पर गन्ने की छिलाई के लिए जा रही थी, तभी रास्ते में गांव के रहने वाले पारस नामक युवक ने उन्हें रोक लिया और कथित रूप से अभद्रता करने लगा. उनके मुताबिक, महिला ने जब इसका विरोध किया तो आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए धारदार हथियार से उसके सिर पर वार कर दिया, जिससे घायल हुई महिला मौके पर ही गिर पड़ी और इसके बाद आरोपी युवती को जबरन अपने साथ ले गया.

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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. विपिन ताड़ा ने बताया कि युवती अनुसूचित जाति की है जबकि युवक दूसरी जाति से है और दोनों एक दूसरे से काफी समय से परिचित हैं.

इस घटना से इलाके में गुस्सा फैल गया है. पुलिस ने आरोपियों की पहचान पारस सोम और सुनील कुमार के रूप में की है. बताया जा रहा है कि दोनों उसी गांव के रहने वाले हैं. फिलहाल, पुलिस आरोपियों और अगवा की गई लड़की की तलाश में जुटी है. युवती की सकुशल बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की आठ टीमें बनाई गई हैं.

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