चिराग त्यागी हत्याकांड: न्याय के लिए फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, आरोपियों के एनकाउंटर की मांग ने पकड़ा जोर

गाजियाबाद के उभरते पैरा-एथलीट चिराग त्यागी की हत्या से उपजा आक्रोश अब न्याय की गूंज बन चुका है. पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर सह-आरोपियों की गिरफ्तारी, बैंक खातों की साइबर जांच और एक करोड़ रुपये के मुआवजे समेत कई गंभीर मांगें उठाई हैं. मांगें पूरी न होने पर आमरण अनशन की चेतावनी दी गई है.

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Chirag Teyagi Murder news Update: गाजियाबाद (Ghaziabad) के सूर्या हत्याकांड (Surya Murder Case) के आरोपी असद के एनकाउंटर (Asad Encounter) और उसके मकान पर बुलडोजर चलाने (Buldozer Action) के बाद भी इस मामले पर जमकर राजनीति और सांप्रदायिक बयान बाजी हो रही है. लेकिन, उसी गाजियाबाद में एक उभरते पैरा-एथलीट चिराग त्यागी (Chirag Teyagi) की निर्मम हत्या के बाद परिवार अब भी न्याय के लिए भटक रहा है. अब परिवार ने असद की तरह चिराग की हत्या के आरोपी यश खटीक के भी एनकाउंटर की मांग शुरू कर दी है. 

दरअसल, गाजियाबाद के होनहार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे उभरते पैरा-एथलीट चिराग त्यागी की निर्मम हत्या के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है. इस दुखद घटना को लेकर पीड़ित परिवार, ग्राम बसंतपुर सैंथली के निवासियों के साथ ही पूरे क्षेत्रवासी सड़कों पर हैं. इन लोगों ने न्याय के लिए बैनर पोस्टर लेकर बुधवार को रैली निकाली और चिराग के हत्यारों का एनकाउंटर करने की मांग की. 

परिजनों ने की आरोपियों के एनकाउंटर की मांग

इन लोगों ने बुधवार को इस संबंध में जिलाधिकारी (DM) के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा है. इस ज्ञापन में प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए कई गंभीर और महत्वपूर्ण मांगें रखी. ग्रामीणों और पीड़ित परिवार का सीधा आरोप है कि इस हत्याकांड को अंजाम देने में सिर्फ मुख्य आरोपी यश खटीक ही शामिल नहीं था, बल्कि वारदात के समय उसके बड़े भाई भी वहां मौजूद थे. परिवार ने मांग की है कि मुख्य आरोपी के भाइयों की भूमिका की भी गहराई से जांच कर उनका एनकाउंटर किया जाए. इसके साथ ही मुख्य आरोपी के बड़े भाई को भी सह-आरोपी बनाकर तुरंत सलाखों के पीछे भेजा जाए. 

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आपराधिक इतिहास खंगालने की अपील

इस ज्ञापन में मुख्य आरोपी और उसके पूरे परिवार के बैकग्राउंड पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं. परिजनों व ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी पक्ष के आपराधिक इतिहास की पूरी कुंडली खंगाली जाए. इसके साथ ही, सरकारी दस्तावेजों में कथित हेराफेरी करने और जालसाजी के दम पर 'फर्जी पैरा-एथलीट प्रमाणपत्र' बनवाने के मामले की भी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए, ताकि खेल जगत और समाज के साथ हो रहे इस धोखे का पर्दाफाश हो सके. इसके अलावा, एक बेहद चौंकाने वाला मामला भी सामने आया है. आरोप है कि चिराग त्यागी की हत्या के ठीक पहले और बाद में उनके बैंक खाते से फर्जी हस्ताक्षर के जरिए पैसे निकाले गए हैं. परिवार ने इस वित्तीय धोखाधड़ी की फोरेंसिक और साइबर सेल से उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है.

एक करोड़ का मुआवजा पेंशन की मांग

प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि चिराग त्यागी देश का भविष्य थे, इसलिए उनकी यादों को संजोने और परिवार को संबल देने के लिए सरकार के सामने इन लोगों ने कई मांगें रखी. इन लोगों का कहना है कि सभी दोषियों को चिन्हित कर तुरंत एनकाउंटर और जेल भेजने की कार्रवाई की जाए और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो. गांव बसंतपुर सैथली में चिराग त्यागी की स्मृति में एक आधुनिक खेल मैदान का निर्माण किया जाए. इलाके के मुख्य मार्ग का नाम बदलकर आधिकारिक रूप से "चिराग त्यागी मार्ग" रखा जाए. इसके अलावा, पीड़ित परिवार के भरण-पोषण के लिए सरकार की तरफ से एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी जाए. साथ ही परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए स्थायी पेंशन या नियमित सरकारी आय की व्यवस्था की जाए.

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पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने प्रशासन को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि वे अपने बेटे को न्याय दिलाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं. यदि शनिवार तक उनकी इन जायज मांगों पर उचित, निष्पक्ष और ठोस कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की गई, तो वे सामूहिक रूप से आमरण अनशन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे. ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि इसके बाद पैदा होने वाले किसी भी लॉ एंड ऑर्डर या प्रशासनिक संकट की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी.

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