बुलंदशहर के शास्त्री पार्क इलाके में रविवार को उस वक्त बड़ा हादसा टल गया, जब एक निर्माणाधीन भवन का लेंटर अचानक भरभराकर गिर गया. काम में जुटे मजदूरों के बीच अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते छह मजदूर मलबे के नीचे दब गए. राहत की बात यह रही कि तुरंत रेस्क्यू शुरू हुआ और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.
दरअसल, नगर कोतवाली क्षेत्र के शास्त्री पार्क के पास एक इमारत का निर्माण कार्य चल रहा था. मजदूर लेंटर डालने का काम पूरा कर रहे थे. बताया जा रहा है कि जैसे ही काम लगभग खत्म होने को था, अचानक लेंटर का एक हिस्सा तेज आवाज के साथ नीचे आ गिरा. इस दौरान वहां मौजूद मजदूर संभल भी नहीं पाए और मलबे के नीचे दब गए.
मौके पर मची अफरा-तफरी
हादसे के बाद आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया. चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव में जुट गए. कुछ ही देर में पुलिस और प्रशासन को भी सूचना दी गई, जिसके बाद राहत दल भी घटनास्थल पर पहुंच गया.
नगर कोतवाली पुलिस, स्थानीय लोगों और रेस्क्यू टीम ने मिलकर मलबे में दबे मजदूरों को निकालने का काम शुरू किया. राहत कार्य तेजी से चलाया गया और एक-एक कर सभी छह मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया. समय पर की गई कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया.
घायलों का अस्पताल में इलाज जारी
मलबे से निकाले गए मजदूरों को तुरंत इलाज के लिए पास के निजी अस्पताल भेजा गया. डॉक्टरों के मुताबिक सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर है. कुछ को हल्की-फुल्की चोटें आई हैं, जिनका इलाज जारी है और उनकी लगातार निगरानी की जा रही है.
हादसे के बाद प्रशासन ने निर्माणाधीन भवन की जांच शुरू कर दी है. शुरुआती तौर पर अंदेशा जताया जा रहा है कि लेंटर गिरने के पीछे तकनीकी खामी, कमजोर सपोर्ट या सुरक्षा मानकों में लापरवाही हो सकती है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही असली वजह सामने आएगी. अगर किसी की लापरवाही साबित होती है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी.
घायल मजदूर ने बताई आपबीती
घायल मजदूर करनवीर ने बताया कि वे पिछले तीन दिनों से सेटरिंग का काम कर रहे थे. उनके मुताबिक सब कुछ सही तरीके से किया गया था और सपोर्ट भी लगाया गया था. उन्होंने कहा, "पूरा लेंटर लगभग डल चुका था, बस थोड़ा सा मसाला डालना बाकी था. जैसे ही हमने आखिरी हिस्सा डाला, अचानक पूरा लेंटर गिर गया. समझ ही नहीं आया कि ऐसा कैसे हो गया."