UGC के नए नियमों के खिलाफ अब प्रदर्शन का दौर शुरू होता दिख रहा है. कानपुर में यूजीसी बिल के विरोध में छात्र नेताओं ने काले झंडे लेकर पैदल मार्च निकाला. यह मार्च एस्कार्ड वर्ल्ड चौराहा से सिलेंडर चौराहा तक निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र शामिल रहे. इस दौरान छात्र नेता अभिजीत राय ने कहा कि यूजीसी बिल एक काला कानून है, जो पूरी तरह से छात्रहितों के खिलाफ है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह बिल विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में भेदभाव पैदा करेगा व छात्रों को जाति के आधार पर बांटने का काम करेगा, जिससे छात्र एकता कमजोर होगी. छात्रों के अनुसार सरकार को यह बिल हर हाल में वापस लेना पड़ेगा.
प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में चेतावनी दी कि यदि यूजीसी बिल वापस नहीं लिया गया तो जिला अधिकारी कार्यालय पर आंदोलन किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर सड़कों पर उतरकर देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा.इस विरोध मार्च में छात्र नेता अभिजीत राय, अनस, आर्यन, पूर्व पार्षद प्रत्याशी आशीष,दिव्यांशु,आयुष,शिवम,आदित्य,अभिषेक,रुद्राक्ष,प्रशांत सहित दर्जनों छात्र व नागरिक मौजूद रहे.
कफन बाधंकर किया विरोध प्रदर्शन
कानपुर की तरह ही गाजीपुर के सैदपुर में भी यूजीसी के नए निमय को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ. इस दौरान समाजसेवियों ने अनोखे तरीके से प्रदर्शन किया है.जोहरगंज स्थित श्मशान घाट पर किया गया प्रतीकात्मक विरोध किया गया.समाजसेवी मनोज सिंह सहित दर्जनों लोग सिर पर कफन बांधकर पहुंचे.प्रदर्शनकारियों ने सरकार से यूजीसी एक्ट वापस लेने की मांग की. उन्होंने चेतावनी भी दी कि कानून वापस होने तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा.
यह भी पढ़ें: यूनिवर्सिटी कैंपस में जातिगत भेदभाव में भारी बढ़ोतरी, UGC ने यही रिपोर्ट देखकर बनाए नए नियम
यह भी पढ़ें: SC/ST से ज्यादा जनरल बनाम OBC है UGC के नए नियमों पर विवाद की वजह














