Video: AK 47 को खिलौना बताकर 'आतंकियों' को क्लीन चिट दी, UP पुलिस के अफसरों पर गिरी गाज, कैसा खुला राज?

UP Crime News: नवंबर 2025 में बिजनौर में रहने वाला मैजुल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह चार लोगों से बात कर रहा था. इस वीडियो में आकिब खान AK-47 और हैंड ग्रेनेड दिखा रहा था. जांच के बाद पुलिस अधिकारियों ने आकिब और मैजुल को क्लीनचिट दे दी थी. जिसका खुलासा अब आकिब की गिरफ्तार के बाद हुआ है.

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UP AK47 Terrorist Clean Chit Case: पुलिस ने जिसे क्लीनचिट दी वो आकिब खान निकला आतंकी.

Bijnor Police  AK47 Clean Chit Case: लखनऊ में पकड़े गए संदिग्ध आतंकियों का दुबई में रहने वाले मेरठ के आकिब खान से कनेक्शन सामने आने के बाद बड़ा खुलासा हुआ है. इससे यूपी पुलिस पर सवाल उठ गए हैं. जांच में सामने आया कि पिछले साल एक बड़े केस में बिजनौर पुलिस ने आकिब को क्लीनचिट दे दी थी और AK-47 को खिलौना बता दिया था. जांच में इस मामले का खुलासा होने के बाद एसपी ने तत्कालीन थानाध्यक्ष नांगलसोती सत्येंद्र सिंह मलिक को निलंबित कर दिया है. साथ ही नजीबाबाद सीओ नितेश प्रताप सिंह पर एक्शन लिया गया है. एसपी ने दोनों पुलिस अधिकारियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं. 

दरअसल, बिजनौर के नांगलसोती थाना क्षेत्र के सौफतपुर गांव में रहने वाला मैजुल पिछले तीन साल से साउथ अफ्रीका में रहकर सैलून चला रहा है. नवंबर 2025 में मैजुल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह इंस्टाग्राम वीडियो कॉल के जरिए चार लोगों से बात कर रहा था. इस कॉल में आकिब खान भी जुड़ा था, जिसने वीडियो में AK-47 और हैंड ग्रेनेड दिखाए थे. वीडियो वायरल होने के बाद दरोगा विनोद कुमार ने 23 नवंबर 2025 को मैजुल, आकिब खान निवासी गांव सठला मवाना मेरठ और एक अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया.  

एसएचओ ने बात पर किया भरोसा

मामले की जांच तत्कालीन थानाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह मलिक को सौंपी गई. उन्होंने वीडियो कॉल पर आकिब खान से बात की. इस दौरान उसने खुद को निर्दोष बताया और कहा कि उसने वीडियो कॉल में खिलौने वाली एके-47 दिखाई थी, साथ ही जिसे हैंड ग्रेनेड बताया था वह परफ्यूम की बोतल थी. तत्कालीन थानाध्यक्ष मलिक ने उसकी बात पर भरोसा कर लिया और फाइनल रिपोर्ट में बनाकर आकिब और मैजुल को क्लीनचिट दे दी.

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कैसे हुआ पुलिस की बड़ी लापरवाही का खुलासा?

हाल ही में एटीएस ने मेरठ के साकिब खान समेत चार संदिग्ध आतंकियों को लखनऊ से गिरफ्तार किया. पूछताछ में साकिब ने एटीएस को बताया कि वह दुबई में रहने वाले आकिब से जुड़ा है. आतंकियों के इस खुलासे के बाद बिजनौर पुलिस में हड़कंप मच गया. मामले में लापरवाही बरतने पर एसपी अभिषेक झा ने तत्कालीन थाना प्रभारी एवं जांच अधिकारी सत्येंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया है, जबकि पुलिस क्षेत्राधिकारी नितेश प्रताप सिंह को उनके पद से हटा दिया गया है. 

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क्या थी आतंकियों की योजना?

एटीएस ने जिन चार संदिग्ध आतंकवादियों को पकड़ा है उनमें मेरठ का साकिब उर्फ डेविल, अरबाब, गौतमबुद्धनगर का विकास उर्फ रौनक और लोकेश उर्फ पपला पंडित शामिल हैं. ये सभी लखनऊ रेलवे स्टेशन पर विस्फोट करने की साजिश को अंजाम देने के लिए वहां पहुंचे थे. साकिब मेरठ के आकिब के संपर्क में था जो दुबई रहता है. आकिब मैजुल से भी जुड़ा था. ये सभी इंस्टाग्राम व टेलीग्राम के जरिए बात करते थे. आकिब ने इंस्टाग्राम व टेलीग्राम के जरिए साकिब का संपर्क पाकिस्तानी हैंडलर्स कराया था.  

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एडीजी अमिताभ ने क्या बताया?

एडीजी अमिताभ यश ने बताया कि ये संदिग्ध आतंकी लगातार पाकिस्तानी हैंडल्स के संपर्क में थे. मुख्य अभियुक्त साकिब उर्फ डेविल पाकिस्तान के साथ अफगानिस्तान के कुछ मोबाइल नंबर से भी जुड़ा हुआ था. ये सभी राजनीतिक पार्टियों से जुड़े लोगों की रैकी करते थे. इन्होंने रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सिलेंडर से बड़ी गाड़ियों को नुकसान करने का प्लान बनाया था. साथ ही कुछ थानों के वीडियो भी पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेजे थे. आरोपियों के पास मिले सात स्मार्टफोन में कई सबूत मिले हैं. उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है. 

(बिजनौर से जुबेर खान की रिपोर्ट) 

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