- अभिषेक सिंह ने आईएएस पद से इस्तीफा देकर जौनपुर में युवाओं को रोजगार मुहैया कराने का कार्य शुरू किया है
- 225 युवाओं को नोएडा, चेन्नई और बेंगलुरु के लिए लेटर ऑफ इंटेंट प्रदान किए हैं.
- अभिषेक सिंह गुजरात चुनाव पर्यवेक्षक रहते अनुशासनहीनता के कारण निलंबित हुए
Abhishek Singh: उत्तर प्रदेश कैडर के चर्चित आईएएस अधिकारियों में से एक रहे अभिषेक सिंह इन दिनों क्या कर रहे हैं? आईएएस की नौकरी छोड़ने के बाद क्या वे पूरी तरह से बॉलीवुड या सोशल मीडिया पर सक्रिय हो गए हैं या फिर राजनीति की जमीन तैयार करने में लगे हैं? देखा जाए तो जवाब इन दोनों कयासों के बीच का है. दरअसल, सरकारी नौकरी से इस्तीफा देकर अब वे खुद युवाओं को नौकरियां बांट रहे हैं और अपने वीडियो के जरिए समाज की दशा-दिशा बदलने के साथ-साथ शायद जौनपुर में अपनी सियासी जमीन को ही मजबूत कर रहे हैं.
अपने गृह जनपद जौनपुर में युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के उनके दावे की हकीकत 12 मई 2026 की एक सोशल मीडिया पोस्ट से बयां होती है. पोस्ट में अभिषेक सिंह ने लिखा, "आज आयोजित रोजगार मेले में युवाओं का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला. हमें खुशी है कि नोएडा, चेन्नई और बेंगलुरु के लिए 225 अभ्यर्थियों को लेटर ऑफ इंटेंट (Letter of Intent) प्रदान किए गए. सभी चयनित युवाओं को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं."
IAS की नौकरी छोड़ जौनपुर में रोजगार बांट रहे अभिषेक सिंह.
Photo Credit: गर्लफ्रेंड के धोखे के बाद बने थे IAS; अब नौकरी छोड़ जौनपुर में रोजगार बांट रहे अभिषेक सिंह, क्या है चुनावी प्लान?
उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा, "जो साथी आज चयनित नहीं हो सके हैं, उनसे निवेदन है कि वे निराश न हों. बहुत जल्द एक और रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा. साथ ही, हमारी अपनी कंपनी Terra Rex, वाजिदपुर क्रॉसिंग पर यस बैंक के ऊपर स्थित है. इच्छुक युवा किसी भी कार्यदिवस में ऑफिस ऑवर्स के दौरान वॉक-इन इंटरव्यू के लिए सीधे कार्यालय आ सकते हैं. उपयुक्त पाए जाने पर तत्काल नियुक्ति दी जाएगी. यदि आप स्वतंत्र रूप से काम करना चाहते हैं, तो हमारे साथ चैनल पार्टनर के रूप में भी जुड़ सकते हैं."
गुजरात चुनाव और निलंबन के विवाद
अभिषेक सिंह का प्रशासनिक करियर भी काफी चर्चा में रहा है. गुजरात विधानसभा चुनाव 2022 के दौरान जब उन्हें चुनाव पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था, तब उन्होंने सरकारी गाड़ी के साथ अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की थीं. चुनाव आयोग ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए 18 नवंबर 2022 को उन्हें पर्यवेक्षक की ड्यूटी से हटा दिया था.
आईएएस रहते हुए वर्ष 2015 में उन्हें तीन साल के लिए प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली भेजा गया था. वर्ष 2018 में यह अवधि दो साल के लिए और बढ़ा दी गई. इसी दौरान वे मेडिकल लीव पर चले गए. जब उन्हें वापस मूल कैडर उत्तर प्रदेश भेजा गया, तो उन्होंने लंबे समय तक कार्यभार ग्रहण नहीं किया. बिना आधिकारिक अनुमति के लंबे समय तक ड्यूटी से गायब रहने के कारण उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया था.
फरवरी 2023 से निलंबित चल रहे अभिषेक सिंह ने आखिरकार अक्टूबर 2023 को आईएएस पद से इस्तीफा दे दिया. केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 29 फरवरी 2024 को उनका इस्तीफा औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया. हालांकि, कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि इस्तीफा देने के बाद उन्होंने अपनी नौकरी वापस मांगी थी, जो मिली नहीं.
abhishek singh ex ias: गांव-गांव जाकर सोलर पैनल लगवाने वाले लोगों से मुलाकात कर रहे हैं.
क्या जौनपुर से चुनाव लड़ेंगे अभिषेक सिंह?
अभिषेक सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले की केराकत तहसील के टिसौरा गांव के रहने वाले हैं. उनके इस्तीफे के बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि वे जौनपुर लोकसभा सीट से राजनीतिक भाग्य आजमा सकते हैं. हालांकि खुद अभिषेक सिंह ने अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन इन दिनों वे युवाओं को रोजगार देने के साथ-साथ जौनपुर के गांवों में बेहद सक्रिय हैं. गांव-गांव जाकर सोलर पैनल लगवाने वाले लोगों से मुलाकात कर रहे हैं. इससे पहले उन्होंने जौनपुर में एक भव्य गणेशोत्सव का आयोजन भी कराया था, जिसे भी उनकी राजनीतिक जमीन तैयार करने की कोशिशों से जोड़कर देखा जा रहा है.
इश्क में मिला धोखा तो बने आईएएस
एक साक्षात्कार के दौरान अभिषेक सिंह ने बताया था कि वे छात्र जीवन में एक युवती से बेहद प्यार करते थे. जब उनकी प्रेमिका ने किसी अन्य व्यक्ति से शादी करने के लिए उनसे ब्रेकअप कर लिया, तो उनका दिल टूट गया. एक समय उनके मन में आत्महत्या तक के विचार आने लगे थे, लेकिन उन्होंने इस दर्द को ही अपनी ताकत बनाया और यूपीएससी की तैयारी में जुट गए. कड़ी मेहनत के दम पर वे परीक्षा पास कर आईएएस अधिकारी बनने में सफल रहे. आईएएस बनने के बाद वर्ष 2013 में उन्हें झांसी में जॉइंट मजिस्ट्रेट के रूप में पहली तैनाती मिली थी.
प्रशासनिक और रसूखदार पारिवारिक पृष्ठभूमि
अभिषेक सिंह का परिवार प्रशासनिक सेवाओं में बड़ा रसूख रखता है. उनके पिता कृपा शंकर सिंह एक रिटायर्ड आईपीएस (IPS) अधिकारी हैं, जो मेरठ के डीआईजी पद से सेवानिवृत्त हुए हैं. अभिषेक सिंह की पत्नी दुर्गा शक्ति नागपाल भी उत्तर प्रदेश कैडर की बेहद चर्चित और तेजतर्रार आईएएस अधिकारी हैं. उनकी दो बेटियां दानिया और डिगारा हैं. अभिषेक की बहन अर्चना सिंह गुड़िया एमबीबीएस करने के बाद अमेरिका में डॉक्टर हैं, जबकि उनके छोटे भाई अमित कुमार सिंह भी एमबीबीएस कर दिल्ली में चिकित्सा सेवा में कार्यरत हैं.
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