कई बार ATM से पैसे निकालते समय ऐसा होता है कि कैश तो मिल जाता है, लेकिन मोबाइल पर कोई SMS अलर्ट नहीं आता है. ऐसे में लोगों के मन में शक पैदा होने लगता है कि कहीं पैसे दो बार तो नहीं कट गए या अकाउंट में कोई गड़बड़ी तो नहीं हो गई है. दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI ने इस बारे में साफ नियम बनाए हैं. RBI के अनुसार, हर बैंक को अपने ग्राहकों को हर वित्तीय ट्रांजैक्शन की जानकारी SMS या किसी अन्य अलर्ट के जरिए देना जरूरी है. इसका मकसद ग्राहकों को उनके अकाउंट पर पूरा कंट्रोल देना और फ्रॉड से बचाना है.
SMS न आने पर क्या जोखिम हो सकते हैं?
अगर ATM से पैसे निकालने के बाद SMS अलर्ट नहीं आता, तो इसके कई नुकसान हो सकते हैं. जैसे-
- आपको अपने अकाउंट बैलेंस की सही जानकारी नहीं मिल पाती है.
- अगर कोई फ्रॉड या गलत ट्रांजैक्शन हो जाए, तो तुरंत पता नहीं चलता है.
- बाद में ट्रांजैक्शन ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है और
- बार-बार बैंक या ब्रांच के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं.
अगर आपके साथ ऐसा हुआ है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. इस स्थिति में-
- सबसे पहले रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर चेक करें. देखें कि बैंक में आपका सही मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड है या नहीं.
- SMS अलर्ट सर्विस एक्टिव है या नहीं. कई बार SMS अलर्ट सर्विस बंद होती है. इसे बैंक ऐप, कस्टमर केयर या ब्रांच में जाकर कंफर्म करें.
- बैंक ऐप या स्टेटमेंट चेक करें. मोबाइल ऐप या इंटरनेट बैंकिंग से तुरंत पता चल जाएगा कि पैसे सही तरीके से कटे हैं या नहीं.
- शिकायत दर्ज कराएं. अगर बार-बार SMS नहीं आ रहा है, तो बैंक की ब्रांच, कस्टमर केयर या ऑनलाइन शिकायत जरूर दर्ज करें.
RBI के नियमों के मुताबिक, अगर बैंक ट्रांजैक्शन की जानकारी ग्राहक को नहीं देता और इससे ग्राहक को नुकसान होता है, तो उसकी जिम्मेदारी बैंक की होगी. ऐसे मामलों में ग्राहक मुआवजे की मांग भी कर सकता है.
इस बात का रखें ध्यान- हालांकि, कोई भी शिकायत करने से पहले चेक कर लें कि आपका SMS और Email दोनों अलर्ट ON है या नहीं.
- ATM से पैसे निकालने के बाद स्लिप जरूर संभालकर रखें.
- अगर मोबाइल नेटवर्क में दिक्कत हो, तो तुरंत बैंक ऐप या स्टेटमेंट चेक करें.
छोटी सी लापरवाही आगे चलकर बड़ा नुकसान कर सकती है. इसलिए अपने बैंकिंग अलर्ट्स को हल्के में न लें और समय-समय पर जांच करते रहें.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)














