वर्चुअल मेट्रो कार्ड क्या होता है? Metro से सफर करते हैं तो जान लें इसे कैसे बनाएं और कैसे करें इस्तेमाल

दिल्ली मेट्रो का Virtual Smart Card एक डिजिटल कार्ड है, जिससे यात्री मोबाइल के जरिए बिना फिजिकल कार्ड या टोकन के मेट्रो में सफर कर सकते हैं. आइए जानते हैं ये कैसे काम करता है और आप कैसे इसे बनवा सकते हैं-

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वर्चुअल मेट्रो कार्ड कैसे बनाएं?

Virtual Smart Card: अगर आप रोज दिल्ली मेट्रो से सफर करते हैं, तो कभी न कभी ऐसी परेशानी जरूर हुई होगी जब स्मार्ट कार्ड घर पर छूट गया हो या टोकन लेने के लिए लंबी लाइन में खड़ा होना पड़ा हो. यात्रियों की इसी परेशानी को कम करने के लिए दिल्ली मेट्रो ने वर्चुअल मेट्रो कार्ड की सुविधा शुरू की है. इसकी मदद से आप मोबाइल फोन से ही मेट्रो स्टेशन पर एंट्री और एग्जिट कर सकते हैं. यानी आपको अलग से टोकन खरीदने या फिर फिजिकल कार्ड रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी. आइए जानते हैं क्या होता है वर्चुअल मेट्रो कार्ड, ये कैसे काम करता है और आप कैसे इसे बनवा सकते हैं- 

क्या होता है Virtual Smart Card?

Virtual Smart Card एक डिजिटल मेट्रो कार्ड है, जो मोबाइल ऐप में बनता है. ये बिल्कुल फिजिकल स्मार्ट कार्ड की तरह काम करता है, लेकिन इसे फोन के जरिए इस्तेमाल किया जाता है. यह कार्ड दिल्ली मेट्रो के आधिकारिक ऐप Delhi Metro Sarthi 2.0 (दिल्ली सारथी 2.0) के जरिए बनाया जा सकता है. कार्ड बनने के बाद शुरुआत में इसमें 150 रुपये का बैलेंस मिलता है, जिसका इस्तेमाल मेट्रो यात्रा के लिए किया जा सकता है.

हालांकि, ध्यान रखने वाली बात यह है कि ये कार्ड सिर्फ दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में काम करेगा. एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है.

वर्चुअल मेट्रो कार्ड कैसे बनाएं?
  • इसके लिए सबसे पहले अपने मोबाइल में Delhi Metro Sarthi 2.0 ऐप डाउनलोड करें.
  • ऐप खोलकर लॉग इन या रजिस्ट्रेशन करें.
  • अब वर्चुअल मेट्रो कार्ड के ऑप्शन पर क्लिक करें.
  • इसके बाद पूछी गई जरूरी जानकारी भरें.
  • कार्ड बनाने के लिए भुगतान पूरा करें.
  • इतना करते ही कार्ड आपके मोबाइल ऐप में एक्टिव हो जाएगा.
वर्चुअल मेट्रो कार्ड का इस्तेमाल कैसे करें?

आप एकदम फिजिकल कार्ड की तरह ही वर्चुअल मेट्रो कार्ड का इस्तेमाल मेट्रो स्टेशन पर एंट्री और एग्जिट के लिए कर सकते हैं. मेट्रो में एंट्री करने के लिए कार्ड में कम से कम 40 रुपये होना जरूरी है. यात्रा के दौरान किराया कार्ड बैलेंस से अपने आप कट जाता है.

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इस्तेमाल करते समय इन नियमों का रखें ध्यान
  • एंट्री और एग्जिट सही तरीके से करना जरूरी है.
  • एंट्री के समय सिस्टम 40 रुपये ब्लॉक कर देता है.
  • सफर पूरा होने के बाद वास्तविक किराया कटता है.
  • गलत एग्जिट होने पर 30 रुपये तक अतिरिक्त कट सकते हैं.
  • एक स्टेशन पर एंट्री और एग्जिट के बीच अधिकतम 20 मिनट का समय तय है. तय समय से ज्यादा रुकने पर अतिरिक्त शुल्क लग सकता है.
  • कार्ड आखिरी रिचार्ज की तारीख से 5 साल तक वैध रहेगा.
  • समय सीमा खत्म होने के बाद कार्ड बंद हो जाएगा और बचा हुआ बैलेंस वापस नहीं मिलेगा.

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