PM Kisan Yojana: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े किसानों के लिए एक जरूरी अपडेट सामने आया है. केंद्र सरकार ने योजना के सभी लाभार्थियों के लिए सालाना ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी है. अब किसानों को 30 जून से पहले अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी. नहीं तो सम्मान निधि की अगली किश्त अटक सकती है. सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य योजना में पारदर्शिता बढ़ाना और ये सुनिश्चित करना है कि मदद सिर्फ सही और पात्र किसानों तक ही पहुंचे. ऐसे में किसानों को समय रहते ये प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है.
ई-केवाईसी नहीं हुई तो रुक सकती है किश्त
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत बड़ी संख्या में किसान रजिस्टर्ड हैं. अधिकारियों के मुताबिक कई बार अपात्र लोगों के नाम भी सूची में शामिल हो जाते हैं. जिससे योजना की पारदर्शिता पर असर पड़ता है. इसी वजह से अब हर साल ई-केवाईसी जरूरी कर दी गई है. कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 30 जून तक ई-केवाईसी पूरी नहीं कराने वाले किसानों की अगली किश्त रोकी जा सकती है. सरकार चाहती है कि योजना का फायदा केवल उन्हीं किसानों को मिले जो सही में इसके योग्य हैं. यही कारण है कि इस बार ई-केवाईसी पर खास जोर दिया जा रहा है.
किसान दो तरीकों से पूरी कर सकते हैं प्रोसेस
ई-केवाईसी कराने के लिए किसानों के पास दो ऑप्शन हैं. पहला तरीका बायोमैट्रिक ई-केवाईसी का है. इसके तहत किसान किसी भी जनसेवा केंद्र पर जाकर अंगूठे के निशान या किसी दूसरे बायोमैट्रिक प्रोसेस से ये प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. इसके लिए आधार कार्ड और आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर जरूरी होगा.
यह भी पढ़ें:- अब बस स्टैंड पर मिलेगी मौसम की अपडेट, पैनिक बटन, डिजिटल डिस्प्ले, लाइव बस ट्रैकिंग सुविधा, हाईटेक बनेंगे दिल्ली के Bus Stand
दूसरा तरीका फेशियल ई-केवाईसी का है. जिसे किसान खुद अपने मोबाइल से भी कर सकते हैं. पीएम किसान ऐप के जरिए फेस स्कैन करके ये प्रोसेस आसानी से पूरी की जा सकती है. जिन किसानों को परेशानी हो रही है. उनकी मदद के लिए ग्राम स्तर पर ही कृषि विभाग की टीमें भी लगाई गई हैं.
गांवों में किसानों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं. अधिकारियों ने अपील की है कि किसान आखिरी तारीख का इंतजार न करें और जल्द से जल्द ई-केवाईसी पूरी करा लें. ताकि सम्मान निधि की अगली किश्त बिना किसी रुकावट के उनके अकाउंट में पहुंच सके.














