New PAN Rules: भारत में फाइनेंशियल लेन-देन के लिए परमानेंट अकाउंट नंबर यानी पैन कार्ड अब तक सबसे जरूरी डॉक्युमेंट्स में से एक माना जाता रहा है. बैंकिंग से लेकर प्रॉपर्टी खरीदने और बड़े कैश ट्रांजैक्शन तक, लगभग हर जगह इसका इस्तेमाल होता था, लेकिन नए PAN Rules 2026 के जरिए सरकार ने कई बड़े बदलाव किए हैं, जिनसे आम नागरिकों और छोटे कारोबारियों को राहत मिलने की उम्मीद है. नए नियमों के अनुसार, अब 8 कामों में पैन कार्ड दिखाने या उसका नंबर देने की अनिवार्यता को खत्म या कुछ मामलों में सीमित कर दिया गया है.
कैश लेन-देन के नियमों में बदलाव
बैंकों में कैश जमा और विड्राल से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है. पहले 50 हजार से ज्यादा कैश जमा करने पर PAN देना जरूरी था. लेकिन अब इस लिमिट को बढ़ाया गया है. अब सालाना कैश जमा रिपोर्टिंग की लिमिट भी 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है.
प्रॉपर्टी लेन-देन में नई लिमिट
रियल एस्टेट सेक्टर में भी नियमों को आसान किया गया है. अब 20 लाख रुपये तक की संपत्ति खरीद या बिक्री पर पैन कार्ड अनिवार्य नहीं होगा. पहले यह लिमिट 10 लाख रुपये थी. इसके अलावा आयकर विभाग को दी जाने वाली प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन की रिपोर्टिंग लिमिट भी अब 30 लाख रुपये से बढ़ाकर 45 लाख रुपये कर दी गई है.
विदेशी यात्रा और फॉरेक्स नियम
विदेश यात्रा और विदेशी करेंसी में लेन-देन से जुड़े नियमों को भी अपडेट किया गया है. अब छोटे विदेशी खर्चों पर PAN की जरूरत नहीं होगी. इस दौरान 2 लाख रुपये से ज्यादा के ट्रांजैक्शन को सामान्य केटेगरी में रिपोर्ट किया जाएगा. इसके अलावा फॉरेक्स लेन-देन के लिए पैन कार्ड होने या न होने की स्थिति के आधार पर अलग-अलग रिपोर्टिंग लिमिट्स तय की गई हैं.
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इंश्योरेंस और स्टांप ड्यूटी
इंश्योरेंस प्रीमियम पर भी नई रिपोर्टिंग व्यवस्था लागू की गई है. इस दौरान PAN होल्डर्स को 5 लाख रुपये से ज्यादा प्रीमियम और बिना PAN वालों को 2.5 लाख रुपये से ज्यादा प्रीमियम की जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को देनी होगी. इसके अलावा स्टांप पेपर खरीद में भी लिमिट तय की गई है, जहां PAN होल्डर्स के लिए 2 लाख रुपये और बिना PAN वालों के लिए 1 लाख रुपये की लिमिट रखी गई है.
होटल, व्हीकल और दूसरे खर्चे
होटल, रेस्टोरेंट और इवेंट्स के लिए कैश पेमेंट की लिमिट को 1 लाख रुपये तक बढ़ाया गया है. इसके अलावा व्हीकल खरीद में 5 लाख रुपए से ज्यादा कीमत वाली गाड़ियों पर PAN अनिवार्य रहेगा. इसमें अब 2-व्हीलर्स भी शामिल किए गए हैं. हालांकि, इस दौरान ट्रैक्टर को राहत दी गई है.
Form 60 की जगह नया Form 97
सरकार ने Form 60 को समाप्त कर दिया है और उसकी जगह नया Form 97 लागू किया गया है. हालांकि, 45 लाख रुपये से ज्यादा की प्रॉपर्टी डील्स में यह फॉर्म मान्य नहीं होगा और वहां PAN अनिवार्य रहेगा.











