New Labour Codes: आजकल नौकरी में तय समय से ज्यादा काम करना आम बात हो गई है. काम के दबाव के चलते लोगों को समय से ज्यादा ऑफिस रुकना पड़ना है. अब, अच्छी बात यह है कि नए लेबर कोड में ओवरटाइम को लेकर साफ नियम बनाए गए हैं, ताकि कर्मचारियों को उनकी मेहनत का सही पैसा मिल सके. नए नियमों के अनुसार, अगर कोई कर्मचारी अपनी तय ड्यूटी (8 या 9 घंटे) से ज्यादा काम करता है, तो कंपनी को उसे एक्स्ट्रा समय का भुगतान करना होगा. सबसे खास बात यह है कि ओवरटाइम का पैसा सामान्य वेतन से कम से कम दोगुना होना चाहिए. यानी जितना आप एक घंटे में कमाते हैं, ओवरटाइम में उसका डबल मिलेगा.
ओवरटाइम का पैसा कैसे तय होता है?
ओवरटाइम का पैसा आपकी कुल सैलरी (CTC) पर नहीं, बल्कि बेसिक सैलरी पर तय होता है. जैसे- मान लीजिए आपकी CTC 30,000 रुपये है. आमतौर पर इसमें बेसिक सैलरी लगभग आधी यानी 15,000 रुपये मानी जाती है. अब इस बेसिक सैलरी को काम के दिनों में बांटा जाता है, जिससे एक दिन की कमाई निकलती है. फिर उसी के आधार पर एक घंटे की कमाई तय होती है.
- आपकी एक दिन की कमाई लगभग 577 रुपये बैठती है. अगर इसे 8 घंटे में बांटें, तो एक घंटे की कमाई करीब 73 रुपये होती है.
- अब, क्योंकि ओवरटाइम का पैसा दोगुना मिलता है, इसलिए एक घंटे का ओवरटाइम करने पर आपको करीब 146 रुपये मिलेंगे.
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महीने में कितना फायदा होगा?अगर आप रोज सिर्फ 1 घंटा एक्स्ट्रा काम करते हैं, तो महीने भर में यह रकम अच्छी बन जाती है. 26 वर्किंग डे मानकर चलें तो आपको करीब 3,700 से 3,800 रुपये एक्स्ट्रा मिल सकते हैं. यानी अब आपको अपनी मेहनत का अच्छा फल मिलने वाला है.
बस इन बातों का रखें ध्यान- अपनी बेसिक सैलरी जरूर जानें.
- जितना ओवरटाइम करें, उसका रिकॉर्ड रखें.
- इसके अलावा कंपनी के नियम और पॉलिसी पहले समझ लें.














