नेशनल हाईवे पर सफर करने वालों के लिए एक जरूरी खबर सामने आई है. टोल टैक्स के नियमों में जल्द ही बड़ा बदलाव किया जा सकता है. केंद्र सरकार नेशनल हाईवे पर टोल छूट पाने वाले वाहनों की संख्या कम करने की तैयारी कर रही है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक अगर ये नया नियम लागू किया जाता है तो सरकारी अफसरों और वीआईपी कैटेगरी वाले लोगों को नेशनल हाईवे पर टोल टैक्स देना होगा. आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं...
वीआईपी कल्चर खत्म करने पर जोर
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई हाई-लेवल कमेटी ने सड़क परिवहन मंत्रालय को सुझाव दिया है कि नेशनल हाईवे फीस नियमों में बदलाव करते हुए टोल से छूट पाने वाली कैटेगरी को खत्म किया जाए या कम कर दिया जाए. अभी इस प्रस्ताव पर अलग-अलग पक्षों के साथ चर्चा चल रही है और संभावना है कि छूट पाने वाले वाहनों की संख्या को धीरे-धीरे कम किया जा सकता है. इसका मकसद वीआईपी कल्चर को खत्म करना बताया जा रहा है.
फास्टैग एनुअल पास खरीदने का सुझाव
टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक मंत्रालय ने सभी सरकारी विभागों और राज्यों को चिट्ठी लिखकर सुझाव दिया है कि वे अपने कर्मचारियों को टोल छूट मांगने के बजाय फास्टैग एनुअल पास खरीदने के लिए प्रोत्साहित करें. यह भी कहा गया है कि फास्टैग एनुअल पास का खर्च रिइंबर्स भी किया जा सकता है.
अभी टोल टैक्स से किसे मिलती है छूट?
अभी के नियमों के अनुसार 25 बड़े संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों और उनके साथ चलने वाले वाहनों को टोल टैक्स से छूट मिलती है. इसके अलावा यूनिफॉर्म में सेना और अर्धसैनिक बलों के वाहन, कार्यकारी मजिस्ट्रेट, फायर ब्रिगेड, हाईवे प्रोजेक्ट की जांच करने वाली गाड़ियां और आपातकालीन सेवाएं जैसे एंबुलेंस और शव वाहन को भी टोल टैक्स से छूट मिलती है.
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