Indian Railways New Rule: इस एक गलती से जा सकती है आपकी ट्रेन की सीट, जान लें रेलवे का ये नया नियम

Indian Railways No Waiting Policy: रेलवे जल्द ही सीट आवंटन से जुड़ा एक नया नियम लागू करने जा रही है, जिसमें तय बोर्डिंग स्टेशन पर न पहुंचने पर आपकी सीट तुरंत किसी और को मिल सकती है. आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से-

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जान लें रेलवे का ये नया नियम

Indian Railways No Waiting Policy:  रेलवे से सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खबर है. गौरतलब है कि ट्रेन में सफर करने के लिए लोग पहले से अपनी सीट बुक करते हैं और अपनी तय सीट पक्की मानकर चलते हैं. हालांकि, रेलवे जल्द ही सीट आवंटन से जुड़ा एक नया नियम लागू करने जा रही है, जिसमें तय बोर्डिंग स्टेशन पर न पहुंचने पर आपकी सीट तुरंत किसी और को मिल सकती है. आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से- 

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अभी तक क्या होता था?

फिलहाल अगर कोई यात्री अपने बोर्डिंग स्टेशन पर ट्रेन में नहीं चढ़ता, तो टीटीई अगले स्टेशन तक उसका इंतजार करता है. अगर यात्री वहां भी नहीं आता, तब उसकी सीट वेटिंग लिस्ट या RAC वाले यात्रियों को दी जाती है. इस प्रक्रिया में काफी समय लग जाता है और कई बार सीट लंबे समय तक खाली पड़ी रहती है.

अब क्या बदलेगा?

नई व्यवस्था के तहत टीटीई अब अगले स्टेशन तक इंतजार नहीं करेंगे. जैसे ही टिकट चेकिंग के दौरान यह साफ हो जाएगा कि यात्री बोर्डिंग स्टेशन पर नहीं चढ़ा है, टीटीई तुरंत उस सीट को 'नॉट टर्न अप' यानी यात्री नहीं आया, के रूप में सिस्टम में दर्ज कर देंगे. इसके बाद वह सीट तुरंत किसी वेटिंग या RAC टिकट वाले यात्री को अलॉट कर दी जाएगी.

सबसे खास बात यह है कि सीट मिलने की जानकारी सीधे यात्री के मोबाइल फोन पर भेजी जाएगी. इससे यात्रियों को बार-बार टीटीई से पूछताछ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

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रेलवे क्यों कर रहा है यह बदलाव?

इस बदलाव का मकसद ट्रेन की हर सीट का सही और पूरा इस्तेमाल करना है. रेलवे के मुताबिक, हर ट्रेन में करीब 3 से 5 फीसदी सीटें खाली रह जाती हैं. इसकी वजह यह होती है कि कुछ यात्री यात्रा रद्द कर देते हैं या समय पर स्टेशन नहीं पहुंचते. नई प्रणाली से ये खाली सीटें तुरंत जरूरतमंद यात्रियों को मिल सकेंगी.

रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यह कदम रेलवे के डिजिटल और आधुनिक सिस्टम को और मजबूत करेगा. इससे न सिर्फ यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि ट्रेन के अंदर अव्यवस्था भी कम होगी.

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यानी अगर आप ट्रेन से सफर करते हैं, तो देर से पहुंचना आपके लिए मुश्किल बढ़ा सकता है. अगर आप अपने तय बोर्डिंग स्टेशन पर समय पर नहीं पहुंचे, तो आपकी सीट किसी और को मिल सकती है. साथ ही, बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा चार्ट बनने से 24 घंटे पहले तक ही मिलती है. इसके बाद न तो बोर्डिंग बदली जा सकती है और न ही किसी और स्टेशन से चढ़ने की अनुमति होती है.

कुल मिलाकर, यह नया नियम वेटिंग और RAC यात्रियों के लिए राहत भरा है, लेकिन कन्फर्म टिकट वालों को अब ज्यादा जिम्मेदारी से सफर की योजना बनानी होगी. 

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