बिजली मीटर को कैसे सही से पढ़ें? जानिए बिल कैसे बनता है और मीटर रीडिंग से जुड़ी जरूरी डिटेल्स

How to Read Electric Meter: उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने अपने X से आधिकारिक अकाउंट से वीडियो पोस्ट किया है और बताया है कि बिजली के बिल को सही से कैसे पढ़ें और बिल कैसे बनता है. आइए जानते हैं...

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बिजली का मीटर कैसे पढ़ें?

Electric Meter Reading: कई बार लोगों को अचानक बहुत ज्यादा बिजली का बिल मिल जाता है, जिससे परेशानी और कंफ्यूज बढ़ जाती है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि यह ठीक से नहीं पता होता कि बिजली का बिल बनता कैसे है और उनमें किन चीजों को जोड़ा जाता है. ऐसे में जरूरी है कि हम बिजली के बिल को सही से पढ़ना और समझना सीखें. साथ ही मीटर रीडिंग से जुड़ी बातों को भी जानें. हाल ही में उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने अपने X से आधिकारिक अकाउंट से वीडियो पोस्ट किया है और बताया है कि बिजली के बिल को सही से कैसे पढ़ें और बिल कैसे बनता है. आइए जानते हैं...

बिजली मीटर को ठीक से समझने के लिए पहले कुछ तकनीकी शब्दों को जानना बहुत ही ज्यादा जरूरी है. ये शब्द अधिकतर हर मीटर पर दिखते हैं और आपके महीने के बिल से भी जुड़े होते हैं. 

1. मीटर सीरियल नंबर- यह मीटर कंपनी निर्माता द्वारा जारी किया हया यूनिक नंबर होता है.
2. एनर्जी कंजम्पशन (KWH/KVAH)- यह दर्शाता है कि आपने कितनी बिजली यूनिट का उपयोग किया गया है. 
3. मैक्सीमम डिमांड (MD)- यह वर्तमान महीने में उपयोग किया गया अधिकतम लोड दर्शाता है.

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कितने प्रकार के होते हैं बिजली मीटर?

बिजली मीटर दो प्रकार के होते हैं-

सिंगल फेज मीटर- यह मीटर 1KW से 4KW तक के कनेक्शन में इस्तेमाल होता है.
थ्री फेज मीटर- यह मीटर 5KW और उससे ऊपर के लोड वाले कनेक्शन के लिए इस्तेमाल किया जाता है. 

कैसे पढ़ें बिजली का इलेक्ट्रिक मीटर?

हर डिजिटल मीटर पर एक पुश बटन होता है. जैसे-जैसे इस बटन को दबाया जाता है, स्क्रीन पर अलग-अलग तरह की जानकारियां दिखती हैं. इनमें समय, तारीख, मीटर सीरियल नंबर, कुल खपत, वर्तमान माह की अधिकतम मांग, अधिकतम मांग की तारीख और समय, पिछले महीने की अधिकतम मांग, क्यूमुलेटिव डिमांड, वोल्टेज और करंट समेत इन जानकारियों को दर्शाता है. 

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KWH और KVAH की बिलिंग

ध्यान दें कि 10 KW से कम की बिलिंग KWH पर की जाती है. इसके अलावा 10 KW और उससे अधिक संयोजनों की बिलिंग KVAH की खपत पर की जाती है. मीटर पर दिखाई गई KWH और KVAH रीडिंग ही असली यूनिट खपत होती है जिससे बिजली का बिल बनता है. 

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