Griha Aadhar Yojana: महिलाओं को मजबूत बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें कई तरह की योजनाएं चलाती है. इन योजनाओं में से एक गृह आधार योजना (Griha Aadhar Yojana) है. इस योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद की जाती है. गोवा सरकार ने घर की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं. इस योजना में महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है, लेकिन कुछ महिलाओं को समय पर पैसे नहीं मिल रहे थे. इस समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने घोषणा की कि अब सभी पात्र महिलाओं को हर महीने की 10 तारीख को पैसा उनके खाते में भेज दिया जाएगा.
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महिला और बाल विकास निदेशालय ने पोंडा के राजीव कला मंदिर में एक विशेष शिविर लगाया गया. इस दौरान कई महिलाओं ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उन्हें गृह आधार योजना के पैसे देर से मिलते हैं. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी पात्र महिला का भुगतान देर से न हो और समय पर उसके खाते में पैसा पहुंचाया जाए.
हर महीने मिलेंगे 1,500 रुपये
फिलहाल गोवा में लगभग 1,80,000 महिलाएं इस योजना के तहत हर महीने 1,500 रुपये पा रही हैं. यह पैसा ज्यादातर दवाई खरीदने, बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्चों में इस्तेमाल होता है. शिविर में आई कई महिलाओं के दस्तावेज वहीं पर चेक किए गए, ताकि आगे चलकर भुगतान में कोई दिक्कत न आए.
गृह आधार योजना कब शुरू हुई?
गृह आधार योजना साल 2012 में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने शुरू की थी, ताकि महंगाई के बोझ को कम किया जा सके. शिविर के उद्घाटन पर मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) को और मजबूत किया गया है, जिससे सरकारी मदद सीधे लोगों के बैंक खातों में पहुंचती है.
गोवा की 40% आबादी को सरकारी मददआज गोवा की 40% आबादी यानी 4 लाख से ज्यादा लोग किसी न किसी सरकारी आर्थिक सहायता योजना का लाभ ले रही है. राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा और सशक्तिकरण देने के लिए ऐसी योजनाएं आगे भी जारी रखेगी.














