Palace on Wheels Train: 45 साल के इतिहास में पहली बार राजस्थान की मशहूर लग्जरी ट्रेन ‘Palace on Wheels' इस बार मई महीने में भी चली. इस ट्रेन की शुरुआत 26 जनवरी, 1982 को हुई थी और इसे देश की पहली लग्जरी हेरिटेज ट्रेन माना जाता है. दुनियाभर में यह ट्रेन एक शाही और शानदार यात्रा के लिए जानी जाती है. इस प्रोजेक्ट को राजस्थान पर्यटन विकास निगम (RTDC) और भारतीय रेलवे मिलकर चलाते हैं.
मई में क्यों चली ट्रेन?
नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे के मुताबिक, इस बार ट्रेन मई में भी चली. पिछले 45 सालों में ऐसा पहली बार हो रहा है. आमतौर पर यह ट्रेन सितंबर से अप्रैल के बीच ही चलती है. पहले मई महीने में राजस्थान में बहुत ज्यादा गर्मी होती है, इसलिए ट्रेन नहीं चलाई जाती थी. इस दौरान तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर चला जाता है और पर्यटक भी कम आते हैं, लेकिन इस बार यात्रियों की अच्छी मांग को देखते हुए ट्रेन को मई में चलाने का फैसला लिया गया थी.
पैलेस ऑन व्हील्स ट्रेन का रूट
रेलवे के मुताबिक, यह विशेष यात्रा मई से 25 मई तक चलेगी. ट्रेन दिल्ली के सफदरजंग स्टेशन से रवाना हुई और करीब 2,610 किलोमीटर का सफर तय करेगी. इस दौरान यह दुर्गापुरा, सवाई माधोपुर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, जैसलमेर, बीकानेर और कई ऐतिहासिक शहरों से होकर गुजरेगी. इस लग्जरी ट्रेन को भारतीय रेलवे की ‘भारत गौरव ट्रेन पॉलिसी' के तहत चलाया जा रहा है. छह दिन के इस सफर में यात्रियों को राजस्थान की संस्कृति, किले, महल और रेगिस्तानी खूबसूरती का शानदार अनुभव मिलेगा.
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पैलेस ऑन व्हील्स ट्रेन की सुविधा
पैलेस ऑन व्हील्स ट्रेन में कुल 22 कोच हैं. इनमें 6 WPCT‑1 सैलून कोच, 7 WPCT‑2 सैलून कोच, 1 सुपर डीलक्स सैलून कोच और 2 रेस्टोरेंट‑कम‑बार कोच शामिल हैं. इसके अलावा किचन कोच, स्टाफ कोच, सर्विस कोच और स्पा कोच भी होंगे. पैलेस ऑन व्हील्स के 14 खास कोच राजस्थान की अलग‑अलग रियासतों के नाम पर रखे गए हैं. हर कोच को शाही पहचान देने के लिए उनका नाम इन रियासतों पर रखा गया है. अलवर, भरतपुर, बीकानेर, बूंदी, धौलपुर, दुर्गापुर, जैसलमेर, जयपुर, झालावाड़, जोधपुर, किशनगढ़, कोटा, सिरोही और उदयपुर आदि नाम रखें गए हैं.














