Draft IT Rules: अब न्यूज और करंट अफेयर्स से जुड़ा कंटेंट, अगर कोई आम यूजर भी सोशल मीडिया पर पोस्ट करता है, तो वह उसी नियम के दायरे में आएगा जो बड़े न्यूज पब्लिशर्स पर लागू होते हैं. इसका मतलब यह है कि ऐसे कंटेंट को हटाया, बदला या आपात स्थिति में ब्लॉक भी किया जा सकता है. इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अब आईटी मंत्रालय (MeitY) द्वारा जारी किए गए दिशा‑निर्देशों या एडवाइजरी का पालन करना होगा. अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है. ये दोनों बदलाव आईटी रूल्स 2021 में प्रस्तावित संशोधन का हिस्सा हैं.
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आईटी मंत्रालय ने इसका ड्राफ्ट जनता की राय के लिए जारी किया है. इस पर लोग 14 अप्रैल तक अपनी टिप्पणियां दे सकते हैं. इन बदलावों से सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) की कंटेंट ब्लॉक करने की ताकत भी काफी बढ़ जाएगी. इसके तहत इंटर‑डिसिप्लिनरी कमेटी (IDC) के जरिए भी कार्रवाई की जा सकेगी. एक और अहम बदलाव यह है कि अब IDC सिर्फ शिकायतों पर ही नहीं, बल्कि किसी भी मामले पर विचार कर सकेगी यानी अब वह बिना औपचारिक शिकायत के भी किसी मुद्दे को देख सकती है.
HT की रिपोर्ट के मुताबिक, आईटी एक्ट की धारा 69A के तहत जो कंटेंट ब्लॉक करने का अधिकार अभी आईटी मंत्रालय (MeitY) के पास है, उसे आगे चलकर सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) को भी दिया जा सकता है. इतना ही नहीं, गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय को भी ऐसी ही शक्तियां देने पर विचार किया जा रहा है. फिलहाल यह प्रस्ताव चर्चा के दौर में है और संबंधित मंत्रालयों से अभी प्रतिक्रिया आना बाकी है. AI तकनीक में हाल के बदलावों की वजह से सोशल मीडिया पर डीपफेक कंटेंट बहुत तेजी से बढ़ा है. इसी कारण प्लेटफॉर्म्स ने भी इन्हें हटाने की कार्रवाई बढ़ा दी है. अब पहले की तुलना में दो से तीन गुना ज्यादा डीपफेक कंटेंट हटाया जा रहा है.
आईटी नियमों में प्रस्तावित 5 बड़े बदलाव
नियम 3(1)(g) और 3(1)(h)- अब डेटा को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी सिर्फ आईटी नियमों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि किसी भी अन्य कानून के तहत मांगी गई जानकारी भी रखनी होगी.
नियम 3(4)- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अब MeitY द्वारा जारी की गई एडवाइजरी, निर्देश, SOP और गाइडलाइंस का पालन करना अनिवार्य होगा. अगर ऐसा नहीं किया गया, तो उन्हें आईटी एक्ट की धारा 79 के तहत मिलने वाली कानूनी सुरक्षा (Safe Harbour) खोनी पड़ सकती है.
नियम 8(1) में बदलाव- अब MIB की निगरानी व्यवस्था सिर्फ न्यूज पब्लिशर्स तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और आम यूजर्स जो न्यूज या करंट अफेयर्स शेयर करते हैं, उन पर भी लागू होगी. इसी व्यवस्था के तहत कंटेंट ब्लॉक करने की ताकत दी जाती है.
नियम 14(2)- अब इंटर‑डिपार्टमेंटल कमेटी (IDC) सिर्फ औपचारिक शिकायतें ही नहीं, बल्कि कोई भी मामला देख सकेगी, खासकर अगर वह MIB द्वारा भेजा गया हो.
नियम 14(5)- यहां भी शिकायत की जगह मामला शब्द जोड़ दिया गया है, जिससे IDC को और व्यापक अधिकार मिल जाते हैं.














