Delhi Ration Card Rules 2026: दिल्ली सरकार ने राजधानी में राशन व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए दिल्ली फूड सिक्योरिटी रूल्स, 2026 लागू किए हैं. नए नियमों के तहत अब राशन कार्ड पाने के लिए परिवार की सालाना आय की सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.2 लाख रुपये कर दी गई है. ये नियम नेशनल फ़ूड सिक्योरिटी एक्ट, 2013 के तहत बनाए गए हैं. इनमें कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं, जैसे कि अब आवेदन केवल डिजिटल तरीके से होंगे, पात्रता की सख्त जांच होगी और शिकायतों के निपटारे के लिए समय-सीमा तय की गई है. इन नियमों की मदद से असली लाभार्थियों तक राशन पहुंचेगा और गड़बड़ियां भी रुकेगीं. साथ ही सब्सिडी वाले अनाज के वितरण में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए भी यह नियम बेहद फायदेमंद बताए जा रहे हैं.
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घर की सबसे बड़ी महिला ही उस घर की मुखिया
नए नियमों के तहत अब घर की सबसे बड़ी उम्र की महिला को परिवार का मुखिया माना जाएगा. अगर वह महिला 18 साल से कम उम्र की है, तो उसके बालिग होने तक परिवार का सबसे बड़ा पुरुष सदस्य मुखिया की जिम्मेदारी निभाएगा.
नए राशन कार्ड के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स
नए राशन कार्ड के लिए आवेदन करने वालों को दिल्ली रेवेन्यू डिपार्टमेंट द्वारा जारी पारिवारिक आय प्रमाणपत्र, सभी परिवार के सदस्यों के आधार डिटेल्स, पते का प्रूफ, अगर कोई पुराना राशन कार्ड है तो उसकी जानकारी, और सेल्फ डिक्लेरेशन देनी होगी.
किसे नहीं मिलेगा नया राशन कार्ड?
- अगर परिवार का कोई सदस्य A से E कैटेगरी वाली कॉलोनी में संपत्ति का मालिक है, तो उसे नया राशन कार्ड नहीं मिलेगा.
- अगर परिवार का कोई सदस्य इनकम टैक्स भरता है, तो वह राशन कार्ड का हकदार नहीं होगा.
- अगर परिवार के पास चार‑पहिया वाहन है, तो भी राशन कार्ड नहीं मिलेगा.
- अगर घर में 2 किलोवॉट से अधिक क्षमता का बिजली कनेक्शन है, तो भी नया राशन कार्ड नहीं मिलेगा.
- अगर सरकारी या सरकार से जुड़ी किसी संस्था में काम करता है तो भी नया राशन कार्ड नहीं मिलेगा.
- अगर परिवार पहले से ही किसी अन्य केंद्र या राज्य सरकार की खाद्य सब्सिडी योजना का लाभ ले रहा है, तो भी वह नए राशन कार्ड का हकदार नहीं होगा.
ऐसे होगा शिकायतों का समाधान
नए नियमों के तहत शिकायतों के समाधान के लिए दो‑स्तरीय व्यवस्था बनाई गई है. जिन शिकायतों को तुरंत हल करने की जरूरत होती है, उन्हें 2 से 24 घंटे के भीतर निपटाना जरूरी होगा. बाकी सामान्य शिकायतों को 15 दिनों के अंदर निपटाया जाएगा. अगर किसी शिकायत का समाधान तय समय में नहीं होता, तो उसे जिला शिकायत निवारण अधिकारी के पास भेजा जा सकता है. इसके बाद भी समस्या हल न हो तो 30 दिनों के भीतर स्टेट फ़ूड कमिशन में अपील करने का ऑप्शन मिलेगा.














