Delhi Metro Phase V(B): उत्तर‑पश्चिम दिल्ली में रोजाना सफर करने वाले लोगों के लिए एक जगह से दूसरी जगह जाना अक्सर मुश्किल हो जाता है. यहां ट्रैफिक जाम और देर से पहुंचने की समस्या आम है. चाहे ऑफिस जाना हो, कॉलेज या फिर बाजार, पीक टाइम में छोटी दूरी भी लंबा और थकाने वाला सफर बन जाती है, लेकिन अब इसमें बदलाव हो सकता है. दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) ने दिल्ली मेट्रो फेज‑V (B) के तहत केशवपुरम से रोहिणी सेक्टर‑34 के बीच एक नए मेट्रो कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा है. यह नई मेट्रो लाइन लोगों को तेज और भरोसेमंद यात्रा का विकल्प देगी.
केशवपुरम-रोहिणी सेक्टर‑34 नई मेट्रो लाइन
यह नई मेट्रो लाइन करीब 16.29 किलोमीटर लंबी होगी और इसमें 12 स्टेशन होंगे. यह लाइन रिहायशी इलाकों और व्यावसायिक क्षेत्रों को जोड़ेगी, जिससे हजारों लोगों का रोज का सफर आसान हो जाएगा. मेट्रो शुरू होने के बाद सड़कों पर निर्भरता कम होगी और खासकर ट्रैफिक वाले समय में यात्रा का समय भी घटेगा.
दिल्ली मेट्रो फेज‑V (B) के तहत प्रस्तावित अन्य मेट्रो कॉरिडोर
केशवपुरम–रोहिणी सेक्टर‑34 लाइन के अलावा, दिल्ली मेट्रो फेज‑V (B) में कई और नए मेट्रो रूट भी प्रस्तावित हैं. इनका उद्देश्य राजधानी के अलग‑अलग इलाकों में कनेक्टिविटी को और मजबूत करना है. इस पूरे विस्तार प्लान के तहत करीब 97.16 किलोमीटर लंबी नई मेट्रो लाइनें बनाई जाएंगी और 65 नए स्टेशन जोड़े जाएंगे.
फेज‑V (B) के तहत प्रस्तावित मेट्रो रूट
- ढांसा बस स्टैंड – नांगलोई: 11.86 किमी, 9 स्टेशन
- सेंट्रल सचिवालय – किशनगढ़: 15.97 किमी, 10 स्टेशन
- समयपुर बादली – नरेला: 12.89 किमी, 8 स्टेशन
- कीर्ति नगर – पालम: 9.96 किमी, 6 स्टेशन
- जोर बाग – मिथापुर: 16.99 किमी, 12 स्टेशन
- शास्त्री पार्क – मयूर विहार फेज‑3: 13.2 किमी, 8 स्टेशन
इन सभी रूट्स के शुरू होने से दिल्ली के अलग‑अलग इलाकों में सफर आसान होगा, ट्रैफिक कम होगा और लोगों को तेज़ व सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा. आने वाली केशवपुरम–रोहिणी सेक्टर‑34 मेट्रो लाइन से उत्तर‑पश्चिम दिल्ली में रहने वाले लोगों का रोज का सफर काफी आसान होने की उम्मीद है. यह मेट्रो कॉरिडोर लोगों को तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद यात्रा का विकल्प देगा.
उत्तर‑पश्चिम दिल्ली में बेहतर कनेक्टिविटी
यह नई मेट्रो लाइन केशवपुरम, रोहिणी और आसपास के रिहायशी व व्यावसायिक इलाकों को बेहतर तरीके से जोड़ेगी. इससे लोगों को ऑफिस, बाजार, स्कूल, कॉलेज और अन्य जरूरी जगहों तक पहुंचने में आसानी होगी. ट्रैफिक जाम और देरी की परेशानियों से राहत मिलेगी और बिना फालतू रुकावट के सीधा सफर संभव होगा.














