TOD Policy Of DDA: दिल्ली में रहने वालों की रोज की भागदौड़ जल्द खत्म हो सकती है. उनके सफर और बिजी शेड्यूल को देखते हुए अब दिल्ली डेवलेपमेंट अथॉरिटी यानी कि DDA ने अहम फैसला लिया है. इसके तहत DDA ने नई TOD (Transit Oriented Development) नीति 2026 का बड़ा प्लान तैयार किया है. इस योजना में दिल्ली मेट्रो कॉरिडोर के पास 14 ऐसी जगहें चुनी गई हैं.
जहां नए तरीके के प्रोजेक्ट डेवलेप होंगे. यहां लोगों को घर, दुकान, ऑफिस, कैफे और दूसरी जरूरी सुविधाएं एक साथ एक ही जगह या फिर पास पास मिल सकेंगी. इसकी वजह से लोगों को काम, बाजार या जरूरी सामान के लिए दूर दूर तक भागना नहीं पड़ेगा. DDA का फोकस ऐसे इलाके बनाने पर है जहां लोग ज्यादा से ज्यादा मेट्रो का इस्तेमाल करें और बाकी जरूरतें एक ही इलाके में उन्हें मिल सके.
क्या है TOD नीति?
TOD यानी Transit Oriented Development एक ऐसा मॉडल है, जिसमें मेट्रो स्टेशन या पब्लिक ट्रांसपोर्ट के आसपास ही बड़ी रेजिडेंशियल और कमर्शियल बिल्डिंग्स बनाई जाती हैं. इसका सीधा फायदा ये होता है कि लोगों का समय और ट्रैवल दोनों बचते हैं. मान लीजिए किसी का घर, ऑफिस और बाजार सब मेट्रो स्टेशन के आसपास ही है. तब उसे रोज घंटों ट्रैफिक में फंसने की जरूरत नहीं पड़ेगी. यही वजह है कि दुनियाभर के बड़े शहर अब इस मॉडल पर तेजी से काम कर रहे हैं और अब दिल्ली भी उसी दिशा में आगे बढ़ रही है.
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14 जगहों पर बनेंगे नए प्रोजेक्ट
DDA ने दिल्ली के अलग अलग मेट्रो रूट्स के पास 14 बड़े लैंड पार्सल आइडेंटिफाई किए हैं. यहां ऐसे प्रोजेक्ट बनाए जाएंगे जहां लोग रह भी सकेंगे और कारोबार भी कर सकेंगे. यानी नीचे दुकानें और ऊपर घर या ऑफिस जैसी सुविधाएं देखने को मिल सकती हैं. इन इलाकों में पैदल चलने वालों, साइकिल ट्रैक और ओपन स्पेस पर भी खास ध्यान दिया जाएगा. कोशिश यही रहेगी कि लोग अपनी गाड़ियों की बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें.














