दिल्ली-NCR में घर बनाने के क्या नियम? DPCC और पुलिस की क्या भूमिका, ऐडवोकेट से जानिए घर बनाने में किन नियमों का पालन जरूरी

Delhi Construction Rules: एडवोकेट विभु त्यागी ने बताया कि दिल्ली-NCR में घर बनाना एक रेगुलेटेड प्रक्रिया है, जिसमें स्थानीय प्राधिकरण से बिल्डिंग प्लान की स्वीकृति लेना अनिवार्य होता है. बिना नक्शा पास कराए या निर्धारित बिल्डिंग लो का पालन किए किया गया निर्माण अवैध माना जाता है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
Delhi Construction Rules
file photo

Delhi Construction Rules: दिल्ली-एनसीआर में घर बनाने के कुछ नियम है, जिनका पालन करना जरूरी है. दिल्ली-NCR में घर बनाने के लिए डीडीए (DDA) और नगर निगम (MCD) से नक्शा पास कराना अनिवार्य है. नियम के अनुसार, 50 वर्ग मीटर के प्लॉट पर केवल तीन मंजिल (ग्राउंड + 2) और 50 वर्ग मीटर से बड़े प्लॉट पर 4 मंजिला मकान बन सकते हैं, जिसमें रेरा (RERA) के नियमों के अनुसार फ्लोर या यूनिट सीमित हैं. वहीं. 500 वर्ग मीटर से बड़े प्लॉट के लिए धूल नियंत्रण (Dust Control) पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है. इसके अलावा दिल्ली में घर बनाने के लिए और किन नियमों का पालन करना जरूरी है और घर बनाने के दौरान पुलिस की क्या भूमिका होती है. इन सब सवालों के जवाब दिल्ली हाई कोर्ट के एडवोकेट, विभु त्यागी से जानिए.

यह भी पढ़ें:- घरेलू सिलेंडर का कमर्शियल उपयोग किया तो होगी 7 साल की सजा! इस्तेमाल से पहले एडवोकेट से जान लें नियम और जुर्माना

दिल्ली-NCR में घर बनाने के क्या नियम?

एडवोकेट विभु त्यागी ने बताया कि दिल्ली-NCR में घर बनाना एक रेगुलेटेड प्रक्रिया है, जिसमें स्थानीय प्राधिकरण से बिल्डिंग प्लान की स्वीकृति लेना अनिवार्य होता है. बिना नक्शा पास कराए या निर्धारित बिल्डिंग लो का पालन किए किया गया निर्माण अवैध माना जाता है. इसके साथ ही मास्टर प्लान ऑफ दिल्ली (MPD), पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986/ Environment Protection Act, 1986, वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981/ Air (Prevention and Control of Pollution) Act, 1981), जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974/ Water (Prevention and Control of Pollution) Act, 1974, निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016/Construction & Demolition Waste Management Rules, 2016) का पालन भी उतना ही महत्वपूर्ण है.

DPCC से मंजूरी किसके लिए जरूरी

500 वर्ग मीटर से बड़े प्लॉट के लिए धूल नियंत्रण Delhi Pollution Control Committee (DPCC) के तहत निर्माण साइट का रजिस्ट्रेशन और धूल नियंत्रण के उपाय लागू करना जरूरी होता है. DPCC अनुपालन के अभाव में भवन योजना (building plan) की स्वीकृति प्रभावित हो सकती है तथा निर्माण कार्य रोका जा सकता है. DPCC यह सुनिश्चित करता है कि निर्माण के दौरान धूल प्रदूषण नियंत्रित रहे, मलबे का उचित निस्तारण हो और आसपास के वातावरण पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े.

Advertisement
घर बनाने के दौरान पुलिस की भूमिका

पुलिस की भूमिका प्रत्यक्ष अनुमति देने की नहीं, बल्कि प्रवर्तन (enforcement) की होती है. यदि कहीं अवैध निर्माण हो रहा है या नियमों का उल्लंघन हो रहा है, तो संबंधित नगर निगम या प्राधिकरण के साथ मिलकर पुलिस कार्रवाई सुनिश्चित करती है, जिसमें निर्माण रुकवाना या कोर्ट ऑर्डर को लागू करना शामिल है. नियमों का पालन नहीं करने पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति (Environmental Compensation) आर्थिक दंड या भारी जुर्माना, निर्माण कार्य पर रोक (Stop-Work Order), सीलिंग, निर्माण का ध्वस्तीकरण (Demolition) जैसी सख्त कार्रवाई हो सकती है. गंभीर मामलों में आपराधिक कार्यवाही हो सकती है. इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को निर्माण शुरू करने से पहले सभी आवश्यक approvals, DPCC compliance और स्थानीय नियमों का पूरी तरह पालन करना चाहिए.

Featured Video Of The Day
Iran Israel War: 2 Second में ईरान भस्म हो जाएगा? जंग में Trump का नया प्लान क्या? | Iran War News
Topics mentioned in this article