Lakhpati Bitiya Yojana: दिल्ली सरकार ने बेटियों की शिक्षा और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक नई पहल की है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 'दिल्ली लखपति बिटिया योजना' की घोषणा की है. यह योजना साल 2008 में शुरू हुई लाडली योजना का अपग्रेड वर्जन है, जिसका मकसद ज्यादा से ज्यादा लड़कियों को शिक्षा के लिए आर्थिक सहारा देना है. मंगलवार को प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 अप्रैल से नई योजना लागू कर दी जाएगी. ऐसे में आइए जानते हैं इस योजना के तहत क्या मिलेगा और कौन इसका लाभ उठा सकेगा.
प्रेस वार्ता में बात करते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया, सरकार चाहती है कि दिल्ली की कोई भी बेटी सिर्फ पैसों की कमी के कारण अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़े. इसी सोच के साथ इस योजना को नया रूप दिया गया है, ताकि सहायता राशि बढ़े और नियमों को ज्यादा व्यावहारिक बनाया जा सके. मुख्यमंत्री ने कहा, 'हम एक अप्रैल को उन्नत योजना शुरू करेंगे और पुरानी लाडली योजना को बंद कर देंगे.'
योजना के तहत क्या मिलेगा?
इस योजना में सरकार अलग-अलग चरणों में कुल 56 हजार रुपये जमा करेगी, जो ब्याज के साथ मिलकर अंत में 1 लाख रुपये बन जाएंगे. यह रकम सीधे बेटी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी. यह पैसा तब मिलेगा जब लड़की 21 साल की उम्र पूरी कर ले या फिर अपनी ग्रैजुएशन या डिप्लोमा की पढ़ाई पूरी कर ले. यानी अलग-अलग फेज में सरकार की ओर से जमा कराए गए रुपये ग्रैजुएशन करने या उम्र 21 साल होने पर कुल 1 लाख रुपये बनकर लड़की के खाते में डाल दिए जाएंगे.
इस योजना का लाभ उन्हीं बच्चियों को मिलेगा-
- जिनका जन्म दिल्ली में हुआ हो
- जिनका परिवार कम से कम 3 साल से दिल्ली का निवासी हो
- जिनके परिवार की सालाना आय 1 लाख रुपये से ज्यादा न हो
- एक परिवार की अधिकतम दो बेटियां ही इस योजना के तहत कवर होंगी
- अगर बेटी दिल्ली से बाहर भी डिप्लोमा या ग्रैजुएशन कर रही है, तब भी उसे यह राशि मिलेगी.
सरकार की ओर से सहायता राशि अलग-अलग पड़ावों पर दी जाएगी.
- बेटी के जन्म पर- 11,000 रुपये
- कक्षा 1 में दाखिले पर- 5,000 रुपये
- कक्षा 6, 9, 10 और 12 में दाखिले पर- 5,000 रुपये प्रति कक्षा और
- ग्रैजुएशन या डिप्लोमा पूरा करने पर- 20,000 रुपये
इन सभी रकमों को मिलाकर ब्याज सहित कुल 1 लाख रुपये मिलेंगे.
लाडली योजना के अटके पैसे भी होंगे जारीसीएम ने बताया कि लाडली योजना के तहत कई खाते ऐसे थे जिनमें पैसा जमा था, लेकिन दावा न होने के कारण वह अटका हुआ था. सरकार ने अभियान चलाकर हजारों लाभार्थियों को चिन्हित किया है और बड़ी रकम जारी की जा चुकी है. आने वाले समय में बाकी लाभार्थियों को भी उनका हक मिलेगा.














