Credit Card का बिल देख उड़ जाते हैं होश? समझें ब्याज और GST का पूरा गणित, नहीं तो खाली हो जाएगी जेब

Credit Card Interest Calculation: एक बात हमेशा ध्यान में रखें कि क्रेडिट कार्ड एक शानदार टूल है, बशर्ते इसका समझदारी से इस्तेमाल किया जाए. वहीं दूसरी तरफ इसके नियमों को नजरअंदाज करना आपको कर्ज के दलदल में धकेल सकता है.

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Credit Card Interest Calculation: आप भी क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल धड़ल्ले से करते हैं, लेकिन बिल आते ही आपका सिर चकराने लगता है? और फिर आप सोचते हैं कि सिर्फ मिनिमम ड्यू भरकर बच जाएंगे, तो आप एक बड़े कर्ज के जाल में फंस रहे हैं, क्योंकि क्रेडिट कार्ड पर लगने वाला ब्याज किसी भी दूसरे लोन की तुलना में बहुत ज्यादा होता है. आइए जानते हैं कि क्रेडिट कार्ड कंपनियां आपसे ब्याज कैसे वसूलती हैं और वो कौन सी गलतियां हैं जो आपके बजट को बिगाड़ सकती हैं.

केवल मिनिमम ड्यू भरना सबसे बड़ी गलती

अधिकतर कार्डहोल्डर्स सोचते हैं कि 5% का मिनिमम ड्यू भर देने से उन पर ब्याज नहीं लगेगा. यह पूरी तरह गलत है. मिनिमम ड्यू भरने से आप सिर्फ लेट पेमेंट फीस से बचते हैं, लेकिन बाकी बचे हुए अमाउंट पर भारी-भरकम ब्याज लगता रहता है.

कैसे कैलकुलेट होता है ब्याज?

क्रेडिट कार्ड का ब्याज एनुअल पर्सेंटेज रेटॉ (APR) के आधार पर तय होता है, जो आमतौर पर 36% से 48% सालाना तक हो सकता है. इसे डेली एवरेज बैलेंस के बेस पर कैलकुलेट किया जाता है. इसका एक अलग फॉर्मूला है. जो कुछ इस तरह है- (बकाया राशि x ब्याज दर प्रति माह x दिनों की संख्या) / 30

क्या है इंटरेस्ट फ्री पीरियड?

क्रेडिट कार्ड पर आपको 45 से 50 दिनों का इंटरेस्ट फ्री पीरियड मिलता है. पर ध्यान रखें, अगर आपने पिछले महीने का पूरा बिल नहीं चुकाया है, तो नए खर्चों पर पहले ही दिन से ब्याज लगना शुरू हो जाएगा. यानी इंटरेस्ट फ्री की सुविधा अब आपको नहीं मिलेगी.

इंटरेस्ट, सर्विस चार्ज, लेट फीस पर जीएसटी की मार 

यह बात ज्यादातर कार्डहोल्डर्स को नहीं पता. दरअसल क्रेडिट कार्ड के सिर्फ ब्याज पर ही नहीं, बल्कि सभी सर्विस चार्ज, लेट फीस और ब्याज पर 18% GST भी लगता है. यानी जितना ज्यादा ब्याज, उतना ही ज्यादा टैक्स.

एटीएम से कैश निकालने की बड़ी भूल

अगर आप क्रेडिट कार्ड से एटीएम के जरिए कैश निकालते हैं, तो अब बिल्कुल भी यह गलती ना करना. क्योंकि कैश निकालने पर एक तो कोई फ्री पीरियड नहीं मिलता और दूसरा जिस पल आप पैसा निकालते हैं, उसी समय से भारी ब्याज और ट्रांजेक्शन फीस लगनी शुरू हो जाती है.

कैसे बचें भारी खर्च से?

  • कोशिश करें कि बिल की आखिरी तारीख से पहले पूरा पेमेंट हो जाए. पेमेंट में एक दिन की देरी भी भारी पेनाल्टी और ब्याज का कारण बनती है.
  • हर महीने अपने स्टेटमेंट को ध्यान से देखें, जिससे किसी भी ऐसे चार्ज से बचा जा सके, जो आपने नहीं किया हो.

एक बात हमेशा ध्यान में रखें कि क्रेडिट कार्ड एक शानदार टूल है, बशर्ते इसका समझदारी से इस्तेमाल किया जाए. वहीं दूसरी तरफ इसके नियमों को नजरअंदाज करना आपको कर्ज के दलदल में धकेल सकता है.

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