CGHS Scheme Update: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए खुशखबरी है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम यानी CGHS के तहत मेडिकल रीइंबर्समेंट की अधिकतम सीमा बढ़ा दी है. अब मंत्रालयों और विभागों के प्रमुख बिना Integrated Finance Division (IFD) से मंजूरी लिए 10 लाख तक के मेडिकल बिल का निपटारा कर सकेंगे. पहले यह सीमा 5 लाख थी. नए बदलाव के बाद इसे बढ़ा दिया गया है.
यह भी पढ़ें:- अब ऑफिस और मीटिंग में पहुंचने में नहीं होगी देरी, Google Maps का ये खास Feature करेगा मदद, फोन में तुरंत करें सेटिंग
अन्य मामलों में भी सीमा बढ़ाई गई
जहां कोई छूट नहीं दी जाती और भुगतान सिर्फ तय CGHS रेट के अनुसार होता है, उन मामलों में भी सीमा बढ़ाई गई है. पहले सीमा 2 लाख होती थी और अब इसे बढ़ाकर 5 लाख रुपये तक कर दिया गया है. सरकार का मानना है कि इस फैसले से मेडिकल बिल पास होने की प्रक्रिया तेज होगी, कागजी कार्रवाई कम होगी, कर्मचारियों और पेंशनरों को समय पर राहत मिलेगी.
सरकार ने क्या कहा?स्वास्थ्य मंत्रालय ने 16 फरवरी, 2026 को जारी एक ज्ञापन में बताया कि समीक्षा के बाद यह फैसला लिया गया है कि मेडिकल रीइंबर्समेंट की अधिकतम सीमा 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख की जा रही है. हालांकि, मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि इस सुविधा का लाभ निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार ही मिलेगा.
10 लाख तक के मेडिकल क्लेम को मंजूर करने के लिए दो मुख्य शर्तें लागू होंगी. जैसे- CGHS या CS(MA) नियमों में कोई छूट नहीं दी जाएगी. क्लेम तभी पास होगा जब सभी नियमों का पूरी तरह पालन किया गया हो. नियमों में किसी भी तरह की ढील (relaxation) नहीं मिलेगी. भुगतान सिर्फ तय CGHS और CS(MA) रेट के अनुसार होगा. मेडिकल बिल का भुगतान पूरी तरह निर्धारित रेट लिस्ट के हिसाब से ही किया जाएगा और रेट से ऊपर की कोई राशि मंजूर नहीं होगी.














