नोएडा में इन 5 जगहों पर लगा Book Exchange मेला, घर ले जा सकेंगे निशुल्क पुस्तकें, जानिए लोकेशन

Book Exchange Fairs: नोएडा में 5 प्रमुख जगहों पर 'बुक एक्सचेंज मेला' आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य पुरानी किताबों का पुनर्चक्रण और नई किताबों तक आसान पहुंच प्रदान करना है.

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बुक एक्सचेंज मेला
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Book Exchange Fairs: नोएडा में हर साल होने वाला फ्री टेक्स्टबुक एक्सचेंज मेला इस बार बड़े स्तर पर आयोजित किया जा रहा है. नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले, लोग अपने पुराने स्कूल की किताबें दूसरों को दे सकते हैं और नई कक्षाओं की जरूरी किताबें ले सकते हैं. इस बार मार्च 2026 के चौथे रविवार को नोएडा में 5 प्रमुख जगहों पर 'बुक एक्सचेंज मेला' (Book Exchange Fair) आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य पुरानी किताबों का पुनर्चक्रण और नई किताबों तक आसान पहुंच प्रदान करना है. यह रविवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक सेक्टर 50 के मेघदूतम पार्क में होगा. इस साल पहली बार, यह मेला एक साथ पांच और जगहों पर भी लगाया जाएगा.

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इन 6 जगहों पर लगा Book Exchange मेला

  • अलोक विहार 2, सेक्टर 50
  • एपेक्स एथेना, सेक्टर 75
  • गोल्फ सिटी क्लब, सेक्टर 75
  • क्लियो काउंटी, सेक्टर 121
  • नोएडा पब्लिक लाइब्रेरी, सेक्टर 15

यह कार्यक्रम ‘दरियागंज – द एनुअल यूज़्ड टेक्स्टबुक डोनेशन मेला' के नाम से आयोजित किया जाता है. इसका विचार दिल्ली के मशहूर दरियागंज बुक मार्केट से प्रेरित है, जहां सेकंड‑हैंड किताबें मिलती हैं. इसका उद्देश्य लोगों में देने और साझा करने की भावना को बढ़ावा देना है. निवासी अपनी पुरानी किताबें देकर उन किताबों को ले सकते हैं जो उनके बच्चों के अगले क्लास में काम आएंगी. मेघदूतम रंगमंच टीम के मुताबिक, इस बार मेले को कई जगह आयोजित करने से ज्यादा लोग जुड़ पाएंगे. मेले में बची हुई किताबें नोएडा पब्लिक लाइब्रेरी को दी जाएंगी, ताकि वे अपने स्कूलों के नेटवर्क को दे सकें.

यह मेला सिर्फ किताबें बदलने के लिए नहीं है, बल्कि ज्ञान साझा करने और समुदाय की एकता को मजबूत करने का तरीका भी है. मेघदूतम टीम ने बताया कि हर साल मेले को बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिलता है और इस बार भी बड़ी संख्या में लोग आने की उम्मीद है. इस पहल का मकसद यह भी है कि समाज के अन्य लोग भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रेरित हों, ताकि शिक्षा में सस्टेनेबिलिटी और शेयरिंग का संदेश आगे बढ़ सके. पिछले वर्षों में, मेले में सैकड़ों किताबों का आदान‑प्रदान हुआ है. आमतौर पर हर साल मार्च में करीब 500 स्कूल की किताबें और बाकी महीनों में करीब 200 अन्य किताबें एक्सचेंज होती हैं.
 

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