AI Impact Summit 2026 में देखिए आराम करता K1 रोबोट, AI की लैब कार और रोबोटिक डॉग

AI Impact Summit में देश विदेश की तमाम कंपनियां अपनी AI तकनीक का प्रदर्शन करने दिल्ली पहुंची है. इसी के चलते समिट में TCS की AI Lab Car, रोबोटिक डॉग और बूस्टर K1 रोबोट आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. आइए जानते हैं यह क्यों खास है...

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AI Impact Summit 2026

AI Impact Summit में देश विदेश की तमाम कंपनियां अपनी AI तकनीक का प्रदर्शन करने दिल्ली पहुंची है. ऐसे ही एक एक कंपनी TCS यानी टाटा कंसल्टेंसी है जो अपनी AI की 5th Generation की AI Lab Car लेकर पहुंची है. TCS कंपनी 50 से ज्यादा वैश्विक कार कंपनियों को AI तकनीकी प्रदान कर रही है. इसके अलावा समिट में रोबोटिक डॉग और बूस्टर K1 रोबोट ने भी सभी का ध्यान खींचा.

Tesla से भी एडवांस TCS कंपनी की लैब कार 

AI Impact Summit 2026 में Tesla की लैब कार लोगों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण बनी हुई है. यह खास इसलिए है क्योंकि कई मायनों में यह दुनिया की मशहूर Tesla कारों से भी एक कदम आगे नजर आती है. जहां Tesla की मौजूदा कारें AI Level-4 तकनीक पर चलती हैं, वहीं इस लैब कार में AI Level-5 तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. इसकी सबसे अनोखी बात यह है कि इसका AI सिस्टम कार में बैठे लोगों के चेहरे को पढ़कर खुद एक्टिवेट हो जाता है.

अगर ड्राइविंग सीट पर बैठा व्यक्ति झपकी लेने लगे, तो सीट हल्के कंपन से उसे जगा देती है. अगर किसी यात्री की तबीयत अचानक खराब हो जाए या ड्राइवर को हार्ट अटैक जैसा खतरा हो, तो कार तुरंत खुद को पार्किंग या किसी सुरक्षित लेन में रोक देती है. इतना ही नहीं, घने कोहरे में भी यह कार बिना दुर्घटना के सुरक्षित ढंग से आगे बढ़ सकती है. TCS के अभिषेक के अनुसार, फॉग जैसी स्थितियों के लिए कार में कई तरह के रडार और सेंसर लगाए गए हैं.

AI Summit में रोबोटिक डॉग 

AI Summit में इस बार एक खास रोबोटिक डॉग ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. देखने में बिल्कुल असली कुत्ते जैसा यह स्मार्ट डिवाइस आधुनिक तकनीक का बेहतरीन उदाहरण है और खास परिस्थितियों में काम करने के लिए बनाया गया है. इसे एक बार दिशा दे दी जाए तो यह लगातार 24 घंटे तक किसी भी निर्धारित इलाके की लाइव तस्वीरें और वीडियो भेज सकता है, जिसे अभी कई देशों की सेनाएं इस्तेमाल भी कर रही हैं.

सुरक्षा के लिहाज से यह बेहद उपयोगी माना जा रहा है, क्योंकि किसी जगह बम या संदिग्ध वस्तु की सूचना मिलने पर किसी इंसान को खतरे में डाले बिना इसे मौके पर भेजा जा सकता है. यह संदिग्ध जगह की हर गतिविधि की लाइव फीड सीधे कंट्रोल रूम तक पहुंचाता है. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में ऐसे रोबोट सुरक्षा व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और संवेदनशील इलाकों की निगरानी में बड़ी भूमिका निभाएंगे.

Qualcomm कंपनी का बूस्टर K1 रोबोट बना हीरो 

भारत मंडपम के पेविलियन में मशहूर कंपनी Qualcomm का K1 रोबोट कुर्सी पर बैठा आराम करता हुआ लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. 95 सेंटीमीटर लंबा यह K1 रोबोट उन्नत रोबोटिक्स शिक्षा के लिए विकसित किया गया एक ह्यूमनॉइड AI डिवाइस है, जिसमें 22 डिग्री स्वतंत्रता (Degrees of Freedom) वाले अत्याधुनिक मोशन कंट्रोल सिस्टम लगाए गए हैं.

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यह Python और C++ जैसे प्रोग्रामिंग प्लेटफॉर्म का सपोर्ट करता है और मोशन कंट्रोल की मदद से डांस करने से लेकर लोगों से बातचीत करने तक कई तरह की गतिविधियां आसानी से कर सकता है. अपनी क्षमताओं और इंसान जैसे व्यवहार के कारण यह रोबोट AI Summit में आने वालों के बीच उत्सुकता का बड़ा विषय बना हुआ है.

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