Renting out property: अपने घर को किराए पर देना एक बड़ा आर्थिक और कानूनी कदम होता है. अगर सही तरीके से प्लानिंग की जाए, तो इससे आपको हर महीने फायदा होता है और आमदनी अच्छी हो जाती है. लेकिन अगर इस दौरान कुछ जरूरी बातों को नजरअंदाज किया जाए, तो आगे चलकर आप बिना वजह के विवाद और कानूनी झंझट में फंस सकते हैं, साथ ही आपको आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है. खासतौर पर पहली बार मकान मालिक बनने वालों के लिए यह जरूरी है कि वे अपने घर को रेंट पर देने से पहले कुछ जरूरी काम अच्छे से कर लें. यहां हम आपको इसी के बारे में बता रहे हैं. आइए जानते हैं घर किराए पर देने से पहले किन बातों को ध्यान में रखना जरूरी होता है और कैसे आप भविष्य में किसी भी परेशानी से बच सकते हैं.
2BHK के दाम में मिल जाएगा 3BHK का घर, जानें बैंक ऑक्शन में घर कैसे खरीदें
नंबर 1- घर को किराए के लिए तैयार करें
सबसे पहला कदम है अपने घर को किराए के लिए पूरी तरह तैयार करना. घर साफ-सुथरा, सुरक्षित और रहने लायक होना चाहिए. बिजली की वायरिंग, पानी की पाइपलाइन और गैस कनेक्शन अच्छे से चेक कर लें. कहीं सीलन, लीकेज या टूट-फूट न हो. फ्रेश पेंट और साफ फर्श घर की वैल्यू बढ़ाते हैं. साथ ही, स्मोक डिटेक्टर और फायर सेफ्टी जैसे बेसिक सेफ्टी इंतजाम होना बेहतर रहता है. घर देने से पहले उसकी फोटो या वीडियो रिकॉर्डिंग जरूर रखें. इससे अगर आगे चलकर कोई नुकसान होता है, तो आपको उसका भुगतान नहीं करना पड़ेगा.
नंबर 2- टेनेंट वेरिफिकेशनकिरायेदार आपके लिए एक अनजान व्यक्ति होता है, इसलिए उसकी जांच बहुत जरूरी है. पहचान पत्र, नौकरी या व्यवसाय की जानकारी और पुलिस वेरिफिकेशन जरूर कराएं. पुराने मकान मालिक से रेफरेंस लेना भी फायदेमंद होता है. इससे किरायेदार के व्यवहार और पेमेंट हिस्ट्री का अंदाजा लग जाता है.
रेंट एग्रीमेंट के बिना घर किराए पर देना बड़ी गलती हो सकती है. यह दस्तावेज मकान मालिक और किरायेदार दोनों के अधिकार और जिम्मेदारियां तय करता है. ध्यान रखें कि रेंट एग्रीमेंट में किराया, सिक्योरिटी डिपॉजिट, समय अवधि, किराया जमा करने की तारीख और नियम साफ-साफ लिखे हों. कई राज्यों में रेंट एग्रीमेंट रजिस्ट्रेशन जरूरी होता है. इससे आप भविष्य में किसी भी तरह के आर्थिक नुकसान से बच सकते हैं.
नंबर 4- फाइनेंशियल मामलों को साफ रखेंसिक्योरिटी डिपॉजिट स्थानीय नियमों के अनुसार लें और उसकी रसीद दें. हर महीने किराए की रसीद देना अच्छी प्रैक्टिस है. बिजली, पानी, मेंटेनेंस और छोटी-मोटी मरम्मत की जिम्मेदारी किसकी होगी, यह पहले ही तय कर लें.
घर किराए पर देना सिर्फ कमाई का साधन नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी भी होती है. कई जगह पुलिस वेरिफिकेशन कराना जरूरी होता है. इसके अलावा किराए से होने वाली आय को इनकम टैक्स रिटर्न में दिखाना भी जरूरी है.
इस तरह केवल ये 5 काम करके आप आगे चलकर किसी भी जोखिम से बच सकते हैं.














