घर के लिए क‍ितने क‍िलोवाट का सोलर स‍िस्‍टम है जरूरी, यहां जान‍िए खर्च और अप्‍लाई करने का पूरा प्रोसेस

सोलर पैनल लगवाने से पहले जान लें कि 1kW, 2kW और 3kW सिस्टम में क्या अंतर है. किस क्षमता पर कितनी बिजली बनेगी, कितनी सब्सिडी मिलेगी और आपके घर के लिए कौन सा विकल्प सबसे बेहतर रहेगा.

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सोलर पैनल लगवाने के ल‍िए पीएम सूर्य घर योजना के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें.
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बिजली के बढ़ते बिल से परेशान लोगों के लिए रूफटॉप सोलर सिस्टम तेजी से पसंदीदा विकल्प बनता जा रहा है. सरकार भी पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल लगवाने पर सब्सिडी दे रही है. लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि घर के लिए 1kW, 2kW या 3kW में से कौन सा सोलर सिस्टम सही रहेगा. गलत क्षमता चुनने पर या तो जरूरत पूरी नहीं होती या फिर अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है. ऐसे में सोलर लगवाने से पहले अपने बिजली इस्तेमाल और घर के लोड को समझना बेहद जरूरी है.

पहले समझें ऑन-ग्रिड और ऑफ-ग्रिड सोलर

ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम सीधे बिजली ग्रिड से जुड़ा होता है. इसमें बैटरी की जरूरत नहीं पड़ती और एक्स्ट्रा बिजली नेट मीटरिंग के जरिए ग्रिड में चली जाती है. सरकारी सब्सिडी भी इसी सिस्टम पर मिलती है.

वहीं ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम में बैटरी बैकअप होता है. बिजली कटौती वाले इलाकों में ये उपयोगी रहता है, लेकिन इसकी लागत ज्यादा होती है और इस पर सब्सिडी नहीं मिलती.

किसके लिए सही है 1kW सोलर सिस्टम

अगर आपके घर का मासिक बिजली बिल 1000 से 1500 रुपये के बीच आता है तो 1kW सिस्टम अच्छा ऑप्शन हो सकता है. इस पर 3-4 LED बल्ब, 2-3 पंखे, एक टीवी, लैपटॉप और छोटा फ्रिज चलाया जा सकता है. यह रोजाना करीब 4 से 5 यूनिट बिजली बनाता है. इस क्षमता पर 30,000 रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है.

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Photo Credit: Unsplash/Alexander Mils

2kW सिस्टम क्यों है सबसे लोकप्रिय

मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए 2kW सोलर सिस्टम सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है. जिनका मासिक बिजली बिल 1500 से 3000 रुपये के बीच आता है, उनके लिए ये बेहतर माना जाता है. इस पर कूलर, वॉटर पंप, वॉशिंग मशीन और 1 टन इन्वर्टर एसी भी सीमित लोड के साथ चलाया जा सकता है. यह रोजाना 8 से 10 यूनिट बिजली पैदा करता है. इस सिस्टम पर 60,000 रुपये तक की सब्सिडी मिलती है.

3kW सिस्टम किसे लगवाना चाहिए

अगर घर में एसी, गीजर, बड़ा फ्रिज, वॉटर पंप और दूसरे भारी उपकरण नियमित चलते हैं तो 3kW सिस्टम बेहतर रहेगा. यह रोजाना 12 से 15 यूनिट बिजली बना सकता है. 3kW और उससे अधिक क्षमता पर अधिकतम 78000 रुपये तक की सब्सिडी उपलब्ध है.

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आवेदन का आसान तरीका

सबसे पहले पीएम सूर्य घर योजना के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा. इसके बाद रूफटॉप सोलर के लिए आवेदन करें. डिस्कॉम से मंजूरी मिलने के बाद अधिकृत वेंडर से इंस्टॉलेशन कराया जा सकता है. नेट मीटर लगने और प्रक्रिया पूरी होने के बाद सब्सिडी की राशि सीधे बैंक खाते में भेज दी जाती है.

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