विज्ञापन

10 हजार किताबें, 144 सेट, 500 कलाकार और 15 इतिहासकारों की मदद से बना था दूरदर्शन का यह शो, पंडित जवाहरलाल नेहरू से है कनेक्शन

इस ऐतिहासिक धारावाहिक को बनवाने में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की अहम भूमिका मानी जाती है. उस समय टीवी पर रामायण और महाभारत जैसे महाकाव्य धारावाहिक प्रसारित हो रहे थे.

10 हजार किताबें, 144 सेट, 500 कलाकार और 15 इतिहासकारों की मदद से बना था दूरदर्शन का यह शो, पंडित जवाहरलाल नेहरू से है कनेक्शन
भारत एक खोज: 500 कलाकार और 15 इतिहासकारों की मदद से बना था दूरदर्शन का यह शो
नई दिल्ली:

भारतीय टेलीविजन ने अपने लंबे इतिहास में कई यादगार धारावाहिकों को जन्म दिया है, जो मनोरंजन के साथ-साथ दर्शकों में शिक्षा और सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने का भी काम करते रहे हैं. इनमें से धारावाहिक है श्याम बेनेगल निर्देशित 'भारत एक खोज'. इस सीरियल ने भारतीय इतिहास की समृद्ध विरासत को बेहद रोचक और आकर्षक ढंग से दर्शकों तक पहुंचाया. 'भारत एक खोज' का मूल आधार भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की प्रसिद्ध किताब 'द डिस्कवरी ऑफ इंडिया' है. नेहरू की इस कालजयी पुस्तक में सिंधु घाटी सभ्यता के प्रारंभ से लेकर भारत की स्वतंत्रता प्राप्ति तक के लगभग 5000 सालों के इतिहास की विस्तृत और गहन जानकारी प्रस्तुत की गई है. यह धारावाहिक ना सिर्फ ज्ञानवर्धक है बल्कि देश के गौरवशाली अतीत को नई पीढ़ी तक जोड़ने का सुंदर माध्यम भी साबित हुआ.

राजीव गांधी की पहल से शुरू हुआ प्रोजेक्ट

इस ऐतिहासिक धारावाहिक को बनवाने में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की अहम भूमिका मानी जाती है. उस समय टीवी पर रामायण और महाभारत जैसे महाकाव्य धारावाहिक प्रसारित हो रहे थे. ऐसे में राजीव गांधी चाहते थे कि भारत के वास्तविक इतिहास पर आधारित एक कार्यक्रम भी बनाया जाए. इसी सोच से ‘भारत एक खोज' की शुरुआत हुई.

तीन साल की रिसर्च और लंबी शूटिंग

इस सीरियल को तैयार करने के लिए करीब साढ़े तीन साल तक गहन रिसर्च की गई. इसमें 10 लेखकों और 22 इतिहासकारों की टीम ने काम किया. शूटिंग में लगभग 20 महीने का समय लगा और 500 से ज्यादा कलाकारों ने इसमें एक्टिंग की. इतिहास को सही रूप में दिखाने के लिए मेकर्स ने देश के कई संस्थानों की मदद ली, जिनमें आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) भी शामिल था. कलाकारों की वेशभूषा, संगीत और सेट डिजाइन तक हर चीज पर महीनों तक रिसर्च की गई थी.

144 सेट पर जीवंत हुआ इतिहास

सीरियल में हड़प्पा सभ्यता से लेकर 19वीं सदी तक के दौर को दिखाने के लिए कुल 144 सेट बनाए गए थे. इसके लिए तीन अलग-अलग यूनिट बनाई गई थीं, जिसमें एक ऐतिहासिक स्थलों और खंडहरों की शूटिंग करती थी, दूसरी कला और कलाकृतियों को कवर करती थी, जबकि तीसरी यूनिट उस दौर को जीवंत करने का काम करती थी.

53 एपिसोड तक चला ऐतिहासिक सफर

‘भारत एक खोज' 1988 से 1989 के बीच हर रविवार सुबह प्रसारित होता था. कुल 53 एपिसोड की इस सीरीज ने भारतीय इतिहास को एक नए नजरिए से प्रस्तुत किया. इस धारावाहिक ने न केवल राजनीतिक घटनाओं को दिखाया, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक धाराओं को भी सामने लाकर दर्शकों को भारत की विविधता और विरासत से रूबरू कराया.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Bharat Ek Khoj, TV, TV Show, Bharat Ek Khoj 1988, Bharat Ek Khoj 1988 Doordarshan
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com