अमेरिका में एक बड़ा कानूनी फैसला सामने आया है, जिसमें Meta और Google जैसी बड़ी टेक कंपनियों को जिम्मेदार ठहराया गया है. यह मामला एक 20 साल की लड़की से जुड़ा है, जिसने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया की लत की वजह से उसकी मानसिक हालत खराब हो गई.
कोर्ट के जूरी ने माना कि इन कंपनियों के प्लेटफॉर्म जैसे Instagram और YouTube इस तरह बनाए गए हैं कि यूजर्स, खासकर युवा, ज्यादा समय तक जुड़े रहें. इससे उनकी मानसिक सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है.
इस मामले में जूरी ने फैसला दिया कि Meta को कम से कम 2.1 मिलियन डॉलर (करीब 17 करोड़ रुपये) का हर्जाना देना होगा. वहीं, Google को भी करीब 900,000 डॉलर (लगभग 7 करोड़ रुपये) का भुगतान करना होगा.
अभी यह भी तय किया जाना बाकी है कि क्या इन कंपनियों पर अतिरिक्त सजा (Punitive damages) भी लगाई जाएगी या नहीं. इसके लिए आगे और सुनवाई होगी.
बता दें, इस केस में लड़की ने बताया कि उसने बचपन से ही YouTube और Instagram का इस्तेमाल शुरू कर दिया था. धीरे-धीरे उसे इन प्लेटफॉर्म्स की आदत लग गई, जिससे उसे चिंता, डिप्रेशन और बॉडी इमेज से जुड़ी समस्याएं होने लगीं.
इस मामले में यह भी सवाल उठा कि क्या Meta और Google को पहले से यूजर्स को चेतावनी देनी चाहिए थी कि उनके प्लेटफॉर्म नुकसान पहुंचा सकते हैं. कोर्ट ने यह भी जांचा कि क्या कंपनियां अपने प्लेटफॉर्म को सुरक्षित बनाने में लापरवाही कर रही थीं. Meta ने इस फैसले से असहमति जताई है और कहा है कि वह अपने कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है. वहीं, YouTube की ओर से इस पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई.














