AI से फोटो और वीडियो बनाना अब पुरानी बात होने वाली है. अब तो एआई आपकी डिमांड पर पूरी की पूरी एक दुनिया ही क्रिएट कर देने वाला है. इसमें आप तय कर सकेंगे कि उस दुनिया में कैसे घूमना पसंद करेंगे. कंटेंट क्रिएटर्स के लिए तो ये वीएफएक्स (VFX) तैयार कर के दे देगा. दरअसल, गूगल ने अपना नया 'प्रोजेक्ट जीनी' (Project Genie) लॉन्च किया है. ये केवल एक नया AI टूल नहीं है, बल्कि भविष्य की उस तकनीक (Next Gen Technique) की झलक है, जहां AI सिर्फ फोटो या वीडियो नहीं बनाएगा, बल्कि एक पूरी 'दुनिया' (World Model) खड़ा कर देगा जिसमें आप खुद घूम सकेंगे.
गूगल डीपमाइंड के Genie 3 मॉडल पर आधारित यह प्रोटोटाइप फिलहाल अमेरिका में गूगल एआई अल्ट्रा सब्सक्राइबर्स के लिए शुरू किया गया है. आइए समझते हैं कि यह तकनीक आपके काम कैसे आएगी और यह अब तक के AI से कितनी अलग है.
क्या है गूगल का 'वर्ल्ड मॉडल'?
अभी तक के AI (जैसे ChatGPT या Sora) आपको कंटेंट 'देते' हैं, जिसे आप सिर्फ देख या पढ़ सकते हैं. लेकिन 'वर्ल्ड मॉडल' एक ऐसी दुनिया बनाता है जो आपके एक्शन पर रिस्पॉन्स देती है. उदाहरण के लिए, अगर आप इस जनरेट की गई दुनिया में आगे बढ़ते हैं, तो रास्ता अपने आप रीयल-टाइम में बनता चला जाएगा. यह किसी वीडियो गेम की तरह है, लेकिन इसमें कुछ भी पहले से डिजाइन नहीं किया गया है; सब कुछ उसी पल AI बना रहा है.
प्रोजेक्ट जीनी के 3 प्रमुख फीचर्स
- वर्ल्ड स्केचिंग: आप सिर्फ एक प्रॉम्प्ट लिखें या फोटो अपलोड करें और तय करें कि आपको उस दुनिया में कैसे घूमना है- पैदल, उड़कर या गाड़ी चलाकर. यह आर्किटेक्ट्स, गेम डिजाइनर्स और कहानीकारों के लिए बेहतरीन टूल है जो अपनी कल्पना को तुरंत हकीकत में देखना चाहते हैं.
- वर्ल्ड एक्सप्लोरेशन: एक बार दुनिया बन जाने के बाद, आप उसमें नेविगेट कर सकते हैं. इसकी खासियत यह है कि आप मुड़कर पीछे देखेंगे तो वह दुनिया गायब नहीं होगी (consistency), बल्कि एक स्थिर वातावरण की तरह व्यवहार करेगी.
- वर्ल्ड रिमिक्सिंग: आप दूसरों की बनाई दुनिया को लेकर उसमें बदलाव कर सकते हैं या अपना नया टच दे सकते हैं. क्रिएटर्स के लिए यह 'सिंथेटिक फुटेज' (AI जनरेटेड वीडियो) बनाने का एक क्रांतिकारी तरीका है.
देखिए वीडियो:
क्रिएटर्स के लिए क्या है खास?
कंटेंट क्रिएटर्स के लिए इसमें काफी कुछ है. जैसे कि क्रिएटिव कंटेंट जेनरेशन से लेकर, फ्यूचर गेमिंग, रोबोटिक्स और ट्रेनिंग समेत काफी कुछ नया होगा.
क्रिएटिव कंटेंट: यूट्यूबर्स और फिल्ममेकर्स को अपनी कहानियों के लिए अब महंगे सेट्स या VFX की जरूरत नहीं होगी; वे जीनी के जरिए रीयल-टाइम बैकग्राउंड और लोकेशन जनरेट कर पाएंगे.
गेमिंग का भविष्य: छोटे डेवलपर्स बिना करोड़ों रुपये खर्च किए अपनी गेमिंग दुनिया बना सकेंगे.
रोबोटिक्स और ट्रेनिंग: यह तकनीक भविष्य में रोबोट्स को पेचीदा माहौल में काम करना सिखाने में मदद करेगी.
क्या कुछ सीमाएं भी हैं?
रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल का नया 'प्रोजेक्ट जीनी' अभी शुरुआती (एक्सपेरिमेंटल) फेज में है, इसलिए इसमें कुछ कमियां भी हैं:
- एक बार में केवल 60 सेकंड की दुनिया ही जनरेट की जा सकती है.
- इसकी 'फिजिक्स' कभी-कभी अजीब हो सकती है (जैसे ग्रेविटी का सही काम न करना).
- इसकी कीमत काफी ज्यादा है- गूगल एआई अल्ट्रा प्लान के लिए हर महीने करीब $250 (लगभग 20,000 रुपये से जयादा) खर्च करने होंगे.
गूगल का प्रोजेक्ट जीनी आपको उस भविष्य की ओर ले जा सकता है, जहां इंटरनेट सिर्फ 'देखने' की जगह नहीं, बल्कि 'रहने' की जगह (Interactive Places) बन जाएगा.














