iPhone इस्तेमाल करने वालों के लिए एक बड़ी खबर आई है. Apple ने अब अपने दो iPhone का सर्विस सपोर्ट बंद करने का फैसला किया है. यानी अब इन दो iPhone को आप Apple के ऑफिशियल सर्विस सेंटर पर ठीक या रिपेयर नहीं करा सकते. ये दो iPhone हैं iPhone 4 और iPhone 5. कंपनी ने इन दोनों ही डिवाइस को ओबसोलेट (obsolete) लिस्ट में शामिल कर लिया है. अब Apple इन दोनों स्मार्टफोन्स के लिए हार्डवेयर रिपेयर या सर्विस सपोर्ट नहीं देगा.
iPhone 4 और iPhone 5
iPhone 4 और iPhone 5 दोनों स्मार्टफोन करीब एक दशक से भी ज्यादा पहले लॉन्च किए गए थे. अपने समय में ये फोन काफी पॉपुलर रहे और Apple के लिए बड़ी सफलता साबित हुए. इन डिवाइस को पहले ही Apple की विंटेज प्रोडक्ट लिस्ट में शामिल किया जा चुका था. विंटेज लिस्ट में वे डिवाइस आते हैं जिनकी बिक्री बंद हुए काफी समय हो चुका होता है लेकिन कुछ लोगों के पास वो डिवाइस अभी भी मौजूद हैं इसीलिए उनकी सर्विस मिल सकती है. अब कंपनी ने इन्हें विंटेज से हटाकर सीधे ओबसोलेट कैटेगरी में डाल दिया है, जिससे इनके लिए आधिकारिक सर्विस पूरी तरह बंद हो गई है.
तो ये iPhone तुरंत बंद हो जाएंगे?
iPhone 4 और iPhone 5 को ओबसोलेट घोषित किए जाने का मतलब यह नहीं है कि ये फोन तुरंत काम करना बंद कर देंगे. अगर किसी के पास यह फोन है तो वह अभी भी इसे इस्तेमाल कर सकते हैं. लेकिन अगर फोन में कोई हार्डवेयर समस्या आती है, जैसे स्क्रीन टूटना, बैटरी खराब होना या अन्य तकनीकी खराबी, तो उसकी मरम्मत Apple के आधिकारिक सर्विस नेटवर्क के जरिए नहीं हो पाएगी.
यानी इन डिवाइस को ठीक कराने के लिए आपको लोकल रिपेयरिंग शॉप से ठीक करवाना होगा या फिर इन्हें हटाकर नया फोन खरीदना पड़ेगा.
आपको बता दें कि Apple आम तौर पर किसी प्रोडक्ट को विंटेज तब घोषित करता है जब कंपनी उसे बेचने के करीब पांच साल ज्यादा समय हो चुका हो. जब कोई डिवाइस विंटेज कैटेगरी में आता है, तब भी कुछ मामलों में उसकी मरम्मत संभव होती है. कई बार कंपनी अपने विटेंज कैटेगरी वाले फैसले को डिवाइस के पार्ट्स की उपलब्धता के आधार पर तय करती है.
वहीं, Apple किसी डिवाइस को ओबसोलेट तब घोषित करता है जब उसकी बिक्री बंद हुए आमतौर पर सात साल से ज्यादा समय हो चुका होता है. अगर किसी यूजर के पास ऐसा डिवाइस है जो ओबसोलेट लिस्ट में शामिल हो चुका है, तो उसे हार्डवेयर मरम्मत के लिए आमतौर पर थर्ड-पार्टी रिपेयर शॉप्स का सहारा लेना पड़ता है.














