Apple अब अपने App Store में एक बड़ा बदलाव करने जा रहा है. कंपनी Maps के बाद अब App Store में भी Search Ads लाने की तैयारी कर रही है. इसका मतलब यह है कि जब आप कोई ऐप सर्च करेंगे, तो आपको सबसे ऊपर कुछ स्पॉन्सर्ड यानी पैसे देकर दिखाए गए ऐप्स दिखाई दे सकते हैं.
यह कदम Apple के लिए अपने प्लेटफॉर्म से कमाई बढ़ाने का एक नया तरीका है, लेकिन इससे यूजर्स का ऐप खोजने का एक्सपीरिएंस भी बदल सकता है.
कैसे काम करेगा यह Ads सिस्टम?
इस नए सिस्टम में डेवलपर्स और कंपनियां कुछ खास शब्दों यानी कीवर्ड्स पर बोली लगाएंगी. जैसे अगर आप 'fitness app' या 'photo editor' सर्च करते हैं, तो जिस डेवलपर ने ज्यादा पैसे दिए होंगे, उसका ऐप सबसे ऊपर दिख सकता है.
यह तरीका Google और Yelp जैसे प्लेटफॉर्म्स पर पहले से इस्तेमाल हो रहा है, जहां कंपनियां अपने बिजनेस को ऊपर दिखाने के लिए पैसे देती हैं.
यूजर्स के लिए क्या बदलेगा?
इस बदलाव के बाद App Store में ऐप ढूंढने का तरीका थोड़ा बदल सकता है. अब जो ऐप सबसे ऊपर दिखेगा, जरूरी नहीं कि वह सबसे अच्छा या सबसे ज्यादा डाउनलोड वाला हो.
कई बार वह ऐप सिर्फ इसलिए ऊपर होगा क्योंकि उसके लिए पैसे दिए गए हैं. इससे यूजर्स को थोड़ा ध्यान से ऐप चुनना होगा और सिर्फ टॉप रिजल्ट देखकर ही फैसला नहीं करना चाहिए.
डेवलपर्स पर क्या असर पड़ेगा
इस नए सिस्टम का असर डेवलपर्स पर भी पड़ेगा. खासकर छोटे डेवलपर्स के लिए यह थोड़ा मुश्किल हो सकता है, क्योंकि अब उन्हें अपने ऐप को ऊपर दिखाने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं.
ये भी पढ़ें - iPhone यूजर्स के लिए बड़ी खुशखबरी – WhatsApp में आने वाला है ऑटो ट्रांसलेशन फीचर
फायदे और नुकसान दोनों
इस फीचर के कुछ फायदे भी हैं और कुछ नुकसान भी. एक तरफ यूजर्स को उनकी जरूरत के हिसाब से ऐप जल्दी मिल सकते हैं, लेकिन दूसरी तरफ सर्च रिजल्ट में थोड़ी बायस यानी झुकाव भी आ सकता है.
Apple इन Ads को साफ तौर पर 'Sponsored' के रूप में दिखाएगा, ताकि यूजर्स को पता रहे कि कौन-सा ऐप ऐड है और कौन-सा ऑर्गेनिक रिजल्ट. जैसे-जैसे App Store बदलता जाएगा, Search Ads ऐप्स को खोजने, प्रमोट करने और उनसे कमाई करने का एक बड़ा जरिया बन सकता है.














