- कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले के भरमसागर में 16 वर्षीय कक्षा दस के छात्र ने स्कूल की तीसरी मंजिल से कूदकर जान दी
- छात्र ने स्कूल की इमारत में तनाव में दिखते हुए तीन से चार बार गलियारे में चहलकदमी की और फिर छलांग लगाई
- छात्र के परिवार और दोस्तों ने स्कूल के वार्डन और हेडमास्टर पर उस पर दबाव डालने का आरोप लगाया है
कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले के भरमसागर कस्बे में सोमवार के दिन एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां कक्षा 10 के 16 वर्षीय छात्र ने कथित रूप से स्कूल की इमारत से कूदकर अपनी जान दे दी. मृतक भरमसागर स्थित DVS स्कूल का छात्र था. पुलिस के अनुसार, छात्र करियन्ननहल्ली गांव का रहने वाला था और उसने स्कूल की तीसरी मंजिल पर चढ़कर छलांग लगाई. उसकी इस चरम कदम के पीछे की सटीक वजह अभी स्पष्ट नहीं है.
छात्र के परिवार और दोस्तों का क्या आरोप
पुलिस ने घटना का CCTV फुटेज भी हासिल किया है, जिसमें छात्र को रेलिंग के पास चलते हुए, कुछ क्षण रुकते हुए और फिर अचानक कूदते हुए देखा गया. पुलिस ने बताया कि वह तीसरी मंजिल की गलियारे में तीन से चार बार चहलकदमी करता दिखा और तनाव में प्रतीत हो रहा था. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि छात्र के परिवार और दोस्तों ने स्कूल के वार्डन और हेडमास्टर पर उस पर दबाव डालने का आरोप लगाया है.
छात्र के पिता ने की थी शिकायत
बताया गया कि छात्र के पिता ने इस संबंध में पहले भी शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. आशंका है कि यही कथित लापरवाही और दबाव उसे अवसाद में ले गई, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया. फिलहाल भरमसागर पुलिस मामले की जांच कर रही है और अधिक जानकारी सामने आना अभी बाकी है. इस घटना से कुछ दिन पहले, 10 फरवरी को बीदर जिले में एक आवासीय स्कूल के कक्षा 10 के छात्र ने आत्महत्या कर ली थी.
सुसाइड नोट लिखने के बाद की खुदकुशी
मृतक की पहचान शरत (16) के रूप में हुई थी, जो मंथल गांव का निवासी था और बसवकल्याण तालुक के नारायणपुर गांव स्थित नवोदय आवासीय स्कूल में पढ़ता था. शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, शरत ने कथित रूप से एक सुसाइड नोट लिखने के बाद अपनी जान दे दी. बाद में उसका शव हॉस्टल परिसर में लटका हुआ मिला. पुलिस इस मामले की भी जांच कर रही है.
इसके अलावा, 9 जनवरी को बेंगलुरु के चंदापुरा इलाके में एक 23 वर्षीय दंत चिकित्सा की छात्रा ने अपने घर में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी.
छात्रा की पहचान यशस्विनी के रूप में हुई थी, जो बोंमनहल्ली के पास होसुर रोड स्थित एक निजी कॉलेज में तीसरे वर्ष की छात्रा थी। इस घटना के बाद उत्पीड़न के आरोप सामने आए थे, जिसके चलते विरोध प्रदर्शन भी हुए.














