'पापा बाहर आ जाओ... जिंदा हो जाओ', बेटी को तैरना सिखाते-सिखाते 30 फीट गहरे कुंड में डूब गया पिता

बीते एक सप्ताह के भीतर यह दूसरा मामला है जब किसी की डूबने से मौत हुई है. इसी के चलते अब लोग लाइफगार्ड्स तैनात करने की मांग कर रहे हैं.

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उदयपुर के प्राचीन गंगू कुंड में डूबने से शख्स की मौत, सीढ़ी पर खड़े दोनों बच्चे चिल्लाते रहे- 'पापा जिंदा हो जाओ'
NDTV Reporter

Rajasthan News: राजस्थान की 'लेक सिटी' यानी उदयपुर के खूबसूरत जलाशय इन दिनों अचानक हादसों के टापू बनते जा रहे हैं. पिछले हफ्ते फतहसागर झील में हुए हादसे के बाद अब शहर के ऐतिहासिक और प्राचीन गंगू कुंड (Udaipur Gangu Kund) से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है. यहां अपनी 13 साल की बेटी को तैरना सिखाने आए एक पिता का अचानक पैर फिसल गया और वह देखते ही देखते 30 फीट गहरे पानी के कुंड में समा गए. 

दोनों बच्चों के सामने पैर फिसला

दिल को दहला देने वाली यह घटना गुरुवार सुबह की है. उदयपुर के ठोकर चौराहा निवासी दुर्गाशंकर रोजाना की तरह सुबह अपनी 13 वर्षीय बेटी और छोटे बेटे को तैराकी सिखाने के लिए गंगू कुंड लेकर आए थे. चश्मदीदों के मुताबिक, बेटी कुंड की सीढ़ियों पर ही खड़ी थी और दुर्गाशंकर उसे पानी में उतरने के निर्देश दे रहे थे. इसी दौरान अचानक दुर्गाशंकर का पैर सीढ़ी से फिसल गया. चूंकि कुंड करीब 30 फीट गहरा है, इसलिए पैर फिसलते ही वह सीधे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे.

'पापा आ जाओ... जिंदा हो जाओ' कहकर बुलाती रही बेटी

कुंड के बाहर खड़े दोनों बच्चे अपने पिता को पानी में डूबता देख बदहवास हो गए. वे जोर-जोर से चिल्लाने लगे, 'पापा बाहर आ जाओ... जिंदा हो जाओ...' बच्चों की चीखें सुनकर आसपास के लोग भी इकट्ठा हो गए. दावा किया जा रहा है कि हादसे के वक्त वहां कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे, लेकिन किसी ने भी पानी में कूदकर दुर्गाशंकर को बचाने का साहस या प्रयास नहीं किया. इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने तुरंत भूपालपुरा थाना पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम को इस घटना की जानकारी दी.

10 मिनट में पूरा हुआ रेस्क्यू, सीपीआर भी रहा नाकाम

सूचना मिलते ही पुलिस और सिविल डिफेंस की रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंची. सिविल डिफेंस के गोताखोरों ने बिना वक्त गंवाए कुंड में छलांग लगाई और महज 10 मिनट के कड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दुर्गाशंकर को पानी से बाहर निकाल लिया. डिफेंस टीम के सदस्यों ने दुर्गाशंकर की थमती सांसों को वापस लाने के लिए तुरंत मौके पर ही सीपीआर देकर बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. दुर्गाशंकर दम तोड़ चुके थे.

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परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से किया इनकार

भूपालपुरा थानाधिकारी आदर्श कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि घटना की खबर मिलते ही मृतक के परिजन भी रोते-बिलखते अस्पताल पहुंचे. परिजनों ने इसे एक सामान्य दुर्घटना और सामान्य मौत मानते हुए पोस्टमार्टम कराने से लिखित में इनकार कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने बिना पोस्टमार्टम के ही कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है.

खूबसूरत झीलों पर तैनात हों 'ट्रेन्ड लाइफगार्ड्स'

इस हादसे के बाद उदयपुर के स्थानीय निवासियों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है. फतहसागर, गोवर्धन सागर और गंगू कुंड जैसे जलाशयों में रोजाना सैकड़ों लोग तैरने और सीखने आते हैं, लेकिन प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं. स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सभी प्रमुख जलाशयों पर तुरंत लाइफगार्ड की तैनाती की जाए.

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