- क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक 26 सितंबर से जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं
- वांगचुक ने जेल बैरकों को बेहतर बनाने के लिए थर्मामीटर की मांग की है
- उनकी पत्नी ने उनसे मुलाकात के दौरान क्लाइमेट चेंज और चींटियों पर लिखी किताबें उन्हें दीं
कुख्यात बंदियों के लिए देश की सबसे सुरक्षित जेलों में से एक जोधपुर सेंट्रल जेल में क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोम वांगचुक बंद हैं. उन्हें यहां 119 दिन हो गए हैं और अब वो यहां का माहौल देखने के बाद जेल की बैरक को बेहतर बनाना चाहते हैं. उन्होंने पत्नी से चिंटियों पर किताब मंगवाई है. कोर्ट से आग्रह किया है कि उन्हें थर्मामीटर मुहैया कराया जाए. थर्मामीटर इसलिए मांगा है, ताकि जेल बैरकों को बेहतर बनाने के लिए इको-रिस्पॉन्सिव आर्किटेक्चर पर प्रयोग कर सकें.
सोनम वांगचुक चाहते हैं कि जेल को कैदियों के लिए बेहतर बनाया जाए. उनसे पहले बॉलीवुड एक्टर सलमान खान ने भी ऐसा करने की कोशिश की थी. काले हिरण के शिकार के केस में सलमान खान कुछ समय के लिए जोधपुर जेल में बंद थे. जेल से छूटने के बाद उन्होंने बैरकों में टॉयलेट बनवाने और जुर्माना न भरने के कारण जेल में बंद कैदियों का जुर्माना भरने का वादा किया था.
राजस्थान सरकार की पूर्व मंत्री बीना काक ने मीडिया से कहा था कि सलमान कैदियों की सुविधा के लिए टॉयलेट और बाथरूम बनवाना चाहते थे. मैंने कई बार सरकार से गुहार लगाई थी लेकिन सरकार ने हमारी बात नहीं सुनी. सलमान ने उनकी मदद का प्रस्ताव रखा था लेकिन सरकार का रुख बहुत ठंडा रहा.
सोनम वांगचुक का क्या है प्लान?
बीते मंगलवार को सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने उनसे मुलाकात की थी. गीतांजलि ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस मुलाकात की जानकारी दी थी.
उन्होंने बताया कि मुलाकात के दौरान उन्होंने सोनम वांगचुक को चींटियों पर लिखी किताब 'एंट्स: वर्कर्स ऑफ द वर्ल्ड' और क्लाइमेट चेंज से जुड़ी किताबें दी थीं.
गीतांजलि ने बताया था कि सोनम ने जेल प्रशासन और सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि उन्हें थर्मामीटर जैसे इक्विपमेंट दिए जाएं, ताकि वो जेल बैरकों को बेहतर बनाने के लिए इको-रिस्पॉन्सिव आर्किटेक्चर पर प्रयोग कर सकें.
उन्होंने अपनी पोस्ट में सोनम वांगचुक को तत्काल रिहा करने की मांग भी की, ताकि वो बाहर आकर शिक्षा और पर्यावरण के क्षेत्र में राष्ट्र निर्माण का काम जारी रख सकें.
26 सितंबर से जेल में बंद हैं
लद्दाख में पिछले साल राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए थे. इस दौरान हिंसा भड़क गई थी, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई थी. इस हिंसा के लिए सोनम वांगचुक को जिम्मेदार ठहराया गया था. उन्हें 26 सितंबर 2025 को नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत हिरासत में ले लिया गया था. तब से ही सोनव जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं.














