रणथंभौर में बाघ के हमले में मंदिर के पुजारी की मौत, 2 महीने में तीसरा हमला

राधेश्याम शेरपुर गांव के निवासी थे और पिछले 20 वर्षों से मंदिर में पुजारी थे. बताया जा रहा है कि वह सुबह शौच के लिए गए थे, तभी बाघ ने उन पर झपट्टा मारा. घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने सवाई माधोपुर-कुंडेरा मार्ग को जाम कर दिया और वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया.

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20 वर्षों से मंदिर में पुजारी थे
रणथंभौर:

राजस्थान के रणथंभौर बाघ अभयारण्य में सोमवार को बाघ के हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई. दो महीने के भीतर अभयारण्य में बाघ के हमले में यह तीसरी मौत है. पुलिस ने बताया कि राधेश्याम (60) रणथंभौर किले में स्थित जैन मंदिर में पुजारी थे. उसने बताया कि वह सुबह-सुबह नित्य कर्म के लिए गए थे, तभी बाघ ने उन पर हमला कर दिया. पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता ने बताया, ‘शव को बरामद कर लिया गया है.'

राधेश्याम शेरपुर गांव के निवासी थे और पिछले 20 वर्षों से मंदिर में पुजारी थे. बताया जा रहा है कि वह सुबह शौच के लिए गए थे, तभी बाघ ने उन पर झपट्टा मारा. घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने सवाई माधोपुर-कुंडेरा मार्ग को जाम कर दिया और वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया. लोगों का कहना है कि यह पिछले कुछ समय में तीसरी मौत है जो बाघ हमले में हुई है. 

बता दें कि बीते दिन ही टाइगर मूवमेंट को देखते हुए वन विभाग ने आम नागरिकों के दुर्ग में प्रवेश पर रोक लगाई थी. फिलहाल ग्रामीण मृतक पुजारी के परिजनों को मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं. वन विभाग की ओर से अब तक इस घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

इस बीच, स्थानीय लोगों ने सवाई माधोपुर-कुंडेरा मार्ग को जाम कर दिया और वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया. इससे पहले 16 अप्रैल को त्रिनेत्र गणेश मंदिर के पास बाघ ने सात वर्षीय एक लड़के को मार डाला था, जबकि 11 मई को बाघ के हमले में वन रेंजर देवेंद्र चौधरी की मौत हो गई थी. इन दोनों हमलों में शामिल संदिग्ध बाघ को 14 मई को बेहोश (ट्रंकुलाइज) कर दिया गया था.

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